लार बिजलीकर्मियों के कृत्यों से सरकार की बदनामी
- क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान
लार। बिजली आमजन से जुड़ी आवश्यकता है। सरकार 24 घण्टे बिजली का दावा करती है। लार बिजली घर के कर्मचारी -अधिकारी सरकार के दावों के प्रतिकूल कार्य सम्पादित कर योगी सरकार को ही बदनाम करने में लगे हैं। अघोषित बिजली कटौती, समय से फाल्ट ठीक न करना उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। आये दिन हो रही बिजली कटौती एवं विभाग की जर्जर व्यवस्था से पूरे नगरवासियों में व्यापक असंतोष उत्पन्न है। कोई ऐसा दिन नहीं बीतता है जिस दिन बिजली कटौती न हो। इसे लेकर आम जनमानस में रोष है। यहाँ के जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मसले पर ध्यान न दिए जाने से आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है।सूत्रों की मानें तो कुछ बिजली विभाग के कर्मचारी तथा ठेकेदार जानबूझकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।जहाँ कभी ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद मात्र दो दिनों के भीतर बदल दिया जाता था, आज सूचना देने तथा हफ्तों बीत जाने के बाद भी नहीं बदला जाता। ऐसा ही एक वाकया नगर के वैशकरनी वार्ड में देखने को मिला जहाँ ट्रांसफार्मर जले दस दिन हो गये लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।मुहल्लेवासियों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर बदलने के लिए धन की मांग की जा रही है।चनुकी मोड़ स्थित रामजानकी मंदिर के ठीक सामने वाला ट्रांसफार्मर भी आये दिन जल जाता है। इस बावत वार्ता करने पर जेई विद्युत विभाग लार ने बताया कि अत्यधिक लोड होने के कारण ट्रांसफार्मर जल जा रहा है,जब भी समस्या आ रही है मैं तुरंत ठीक कराने का प्रयास करता हूँ हालांकि ठेकेदारों द्वारा मनमाने वसूली के प्रश्न पर वे चुप्पी साध गये। विकास खण्ड लार के ग्राम सभा रक्सा में ग्यारह हजार वोल्ट का तार जमीन छू रहा है। ग्रामीण बतातें हैं कि हर वक्त किसी अनहोनी का डर बना रहता है। कई दफा इसकी शिकायत सम्बन्धित विभाग से की गई लेकिन आज तक इसका उपाय नहीं हो सका।
बिजली विभाग को चाहिए कि इन समस्याओं से उपभोक्ताओं को मुक्ति दिलाकर बेहतर बिजली व्यवस्था दें।
-स्वप्निल द्विवेदी, पत्रकार वॉयश ऑफ शताब्दी की कलम से