कोरोना के ख़िलाफ़ महाभारत की लड़ाई में लार के योद्धा
कोरोना वायरस महामारी ने आज पूरे विश्व को अपने कब्जे में ले लिया हैं, लेकिन हमारे पास ऐसे योद्धा हैं जो देशभक्ति और सेवा का जज्बा लिए अपने कर्तव्यों का निवर्हन करने में पीछे नहीं हैं। निश्चित तौर पर कोरोना के ख़िलाफ़ महाभारत की लड़ाई में जनता के योगदान को कोई नकार नहीं सकता। लेकिन लड़ाई के महारथी और सारथी का ज़िक्र करना भी ज़रूरी है। जंग जीतने की ज़िम्मेदारी योद्धाओं के साथ नेतृत्व पर भी होती है, आगे देखें, कौन हैं देवरिया जनपद के लार थाना क्षेत्र के मुख्य चेहरे….
112 नम्बर के सिपाही वसीम

शनिवार की सुबह 6 बजे पीआरवी 1469 पर एक फोन आया। कॉलर एकता सिंह पुत्री अमर सिंह जो कोलम्बस इंटरनेशनल में 9वीं की छात्रा है, ने 112 नम्बर पुलिस को बताया कि हमें ऑन लाईन पढ़ाई करनी है। लॉक डाउन की वजह से हम बाजार नहीं जा रहे। हमें मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जाय। फोन पर सक्रिय हुई 112 नम्बर की टीम के प्रभारी वाशिम खान व चालक राधेश्याम यादव सुबह 7 बजे लार के बलुआ गौरी गॉव में मोबाइल लेकर पहुंच गए। पुलिस ने छात्रा के पिता अमर सिंह को फोन दिया और उन्होंने मोबाइल का मूल्य 9200 अदा किया। गॉव में पुलिस टीम की बड़ी चर्चा रही।

चौमुखा सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक मनीष कुमार सिंह बन्टी
सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक मनीष कुमार सिंह बन्टी लार कस्बे के स्वच्छता का संकल्प। शनिवार को सुबह 6 बजे ही पीठ पर लाद लिए छिड़काव की मशीन। खुद के पैसे से खरीदे मशीन और सेनिटाईजर से लार की मस्जिदों, मन्दिरों , थाना, बैंक एससीपी आदि को सेनिटाईज किये।
समाजसेवी अमित कुमार सिंह बबलू

देवरिया-कुशीनगर जिलों के सैकड़ों गावों में राहत सामग्री लेकर खुद पहुंचते हैं और वितरित करते हैं। जिलाधिकारी देवरिया को प्रधानमन्त्री राहत कोष में दो लाख दान दे चुके हैं। बबलू सिंह ने जितने लोगों को राहत सामग्री अब तक पहुंचाया है उसकी अब गणना भी नहीं की जा सकती। रोज एक ही जुनून । वाहन में राहत सामग्री भरो और निकल पड़ो। कोरोना के इस योद्धा के प्रति शुभकामनायें।
चौकी इंचार्ज मेहरौनाघाट योगेन्द्र यादव

रोज सुबह 6 बजे बिहार बार्डर पर पहुँच जाते हैं। डीएम- एसपी के निर्देश पर मेहरौना में बिहार सीमा सील किये हैं। बार्डर पर रोज कोई जज, कोई कमिश्नर, कोई बड़ा अधिकारी सील तोड़ कर जाने के लिए दबाव बनाता है। अडिग है। रोज लोग हड़काते हैं-नौकरी खा जाऊँगा, लेकिन कोई रिएक्शन नहीं। नो एलाऊ तो नो एलाऊ। उन्होने कहा कि – अपने बच्चों और घर-परिवार से अधिकरतर दूर रहकर आपकी सुरक्षा के लिए ही हम दिन-रात आपकी सेवा में लगे हैं। आपकी बस यही जिम्मेदारी है कि जितना कम हो सके घरों से बाहर निकलें। अगर निकलना ही है तो मास्क जरूर पहनें और पूरी सावधानी बरतें।
नर्स निवेदिता राय सीएचसी लार

कोरोना से जंग लड़े योद्धाओं में महिला सिपाहियों का त्याग हमेशा याद रखा जाएगा। कोख में 7 माह का बच्चा। दिन रात मरीजों की सेवा। खुद अवकाश के लिए आवेदन किया था तभी अचानक कोरोना का कहर बरपना शुरू हो गया और अपनी छुट्टी भूलकर वह ड्यूटी पर तैनात हो गईं। एक कुशल ट्रेनर। विभिन्न संस्थानों में जाकर कोरोना से बचाव के बारे में जानकारी देना, जिनकी दिनचर्या है। लार सीएचसी की सभी नर्सों में सबसे ज्यादा जिम्मेदार। इस बेटी को सल्यूट |