इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का भव्य उद्घाटन: CM भजनलाल शर्मा ने किया शुभारंभ
जयपुर। राजस्थान की राजधानी में आज इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का भव्य उद्घाटन हो गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर एक्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा में स्थित मुग्धा कन्वेंशन हॉल में फीता काटकर इस 13वें संस्करण की औपचारिक शुरुआत की। यह चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी 5 से 8 फरवरी 2026 तक चलेगी और पत्थर उद्योग से जुड़े हजारों व्यापारियों, निर्यातकों, खरीदारों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का पत्थर हमारी सांस्कृतिक विरासत भी है और आर्थिक भविष्य भी। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों में इस क्षेत्र का विकास थम गया था, लेकिन वर्तमान सरकार इसे वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है। CM ने पुराने कुशल श्रमिकों की घटती संख्या पर गहरी चिंता जताई और कहा कि सरकार स्किल डेवलपमेंट, नई तकनीक और श्रमिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि यह उद्योग मजबूत और टिकाऊ बने रहे।
प्रदर्शनी का आयोजन सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ स्टोन्स (CDOS) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें लघु उद्योग भारती (LUB) सह-आयोजक और राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम लिमिटेड (RIICO) मुख्य प्रायोजक के रूप में शामिल है। यह आयोजन एशिया की सबसे बड़ी स्टोन इंडस्ट्री प्रदर्शनियों में से एक माना जाता है। इसमें प्राकृतिक पत्थर (मार्बल, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन, कोटा स्टोन, क्वार्ट्ज आदि), स्टोन प्रोसेसिंग मशीनरी, टूल्स, वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स और सस्टेनेबल माइनिंग से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन होगा।
इस बार के आयोजन में 20 से अधिक देशों की कंपनियां और खरीदार शामिल हो रहे हैं। 500 से ज्यादा स्टॉल्स में विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में बायर-सेलर मीट, तकनीकी सेमिनार, डिजाइन फोरम और नेटवर्किंग सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) थीम पर फोकस किया गया है, जो स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा।
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और कहा कि यह प्रदर्शनी राजस्थान को ग्लोबल स्टोन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेश, तकनीकी सहयोग और सस्टेनेबल प्रैक्टिस को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इंडिया स्टोनमार्ट 2026 न केवल व्यापार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि रोजगार सृजन, निर्यात में वृद्धि और पर्यावरण संतुलन को भी बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन राजस्थान के पत्थर उद्योग को कच्चे माल के निर्यात से हटाकर हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स और प्रोसेसिंग की ओर ले जाएगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी।