केंद्रीय बजट 2026-27: युवा शक्ति, स्थिरता और समावेशी विकास का संतुलित रोडमैप
- द न्यूज़वाला (www.thenewswala.com) संपादकीय
1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है और कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला पूर्ण बजट भी। बजट को युवा शक्ति से प्रेरित करार देते हुए सरकार ने इसे तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित बनाया है—आर्थिक विकास को गति देना एवं बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति एवं क्षमता निर्माण करना तथा सबका साथ, सबका विकास की भावना से समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करना।
यह बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में एक व्यावहारिक, संतुलित और दूरदर्शी कदम प्रतीत होता है। जहां एक ओर फिस्कल अनुशासन को बनाए रखा गया है, वहीं दूसरी ओर पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड वृद्धि कर विकास को मजबूती दी गई है।
आर्थिक संकेतक और वित्तीय अनुशासन बजट में राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) को जीडीपी का 4.3% रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 4.4% से कम है। केंद्रीय सरकार का ऋण-जीडीपी अनुपात 55.6% पर लाया जाएगा और 2030-31 तक इसे 50 ± 1% के दायरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
कुल व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। सबसे महत्वपूर्ण बात सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना है, जो अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निजी निवेश को प्रोत्साहन देने वाला मजबूत संकेत है।
टैक्सपेयर्स और मध्यम वर्ग के लिए राहत
- नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो कर प्रणाली को और सरल, पारदर्शी एवं अनुपालन-सुलभ बनाएगा।
- विदेशी पर्यटन, शिक्षा और चिकित्सा पैकेज पर TCS दर 5-20% से घटाकर 2% की गई है।
- कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर टैक्स में छूट, जिससे इलाज सस्ता होगा।
- EV बैटरी, सोलर ग्लास, लिथियम-आयन बैटरी निर्माण से जुड़े कई सामानों पर कस्टम ड्यूटी में राहत।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर
- 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, जो प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे।
- 20 नए राष्ट्रीय अंतर्देशीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।
- फ्रेट कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स पार्क और City Economic Regions की योजना से शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
युवा, शिक्षा और कौशल विकास
- 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में Content Creator Labs स्थापित होंगे।
- 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी।
- हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल निर्माण को बढ़ावा।
- AI, सेमीकंडक्टर और डीप-टेक पर विशेष फोकस।
मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और MSME
- India Semiconductor Mission 2.0 शुरू।
- Bio Pharma Shakti योजना के तहत 10,000 करोड़ का प्रावधान।
- PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के लिए अतिरिक्त 5,000 करोड़।
- MSME के लिए आसान क्रेडिट, क्लस्टर-आधारित केमिकल पार्क और टेक्सटाइल पार्क।
क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा हुआ? सस्ता होने की उम्मीद — कैंसर दवाएं, EV बैटरी, सोलर उपकरण, विदेश यात्रा/शिक्षा पैकेज, लेदर-टेक्सटाइल उत्पाद। महंगा होने की संभावना — कुछ मिनरल्स, शेयर बाजार के कुछ लेन-देन, स्क्रैप आयात।
संपादकीय नजरिया यह बजट पॉपुलिस्ट घोषणाओं से अधिक संरचनात्मक सुधारों, लंबी अवधि की स्थिरता और उत्पादकता वृद्धि पर केंद्रित है। बड़े-बड़े ऐलान कम हैं, लेकिन लक्षित, जुड़े हुए और क्रियान्वयन योग्य कदम अधिक हैं।
यदि सरकार इन घोषणाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू कर पाई, तो यह बजट निश्चित रूप से आत्मनिर्भर भारत, ग्रीन ट्रांजिशन और समावेशी विकास की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं—निजी निवेश में तेजी लाना, वैश्विक अनिश्चितताओं से बचाव और कार्यान्वयन की गति बनाए रखना।
द न्यूज़वाला के पाठकों से अपेक्षा है कि वे इस बजट की प्रगति पर नजर रखें और अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करें।
द न्यूज़वाला संपादकीय टीम 5 फरवरी 2026