जयपुर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में धूमधाम से मनी व्यंजन द्वादशी: 56 प्रकार के पकवान चढ़ाए, हजारों श्रद्धालु उमड़े | The NewsWala
जयपुर, 2 दिसंबर 2025 | The NewsWala – पिंक सिटी जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की द्वादशी को ‘व्यंजन द्वादशी’ के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। ठाकुर जी को 56 प्रकार के स्वादिष्ट पकवान चढ़ाए गए, जिनमें खीर, पूआ, मालपुआ, रबड़ी, लड्डू, हलवा, पूरी-सब्जी, पंचकुटा और राजस्थानी स्पेशल दाल-बाटी-चूरमा शामिल रहे। सुबह से ही मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से गुलजार रहा, और भोग आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
यह परंपरा 500 वर्षों से चली आ रही है, जब गोविंददेवजी को जयपुर लाया गया था। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, व्यंजन द्वादशी का महत्व इसलिए है क्योंकि इस दिन ठाकुर जी को विविध व्यंजनों से भोग लगाकर सर्दियों में ऊर्जा प्रदान की जाती है। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अनिल शर्मा ने बताया, “आज 56 भोग चढ़ाए गए, जो ठाकुर जी के 56 द्वारों का प्रतीक हैं। हर व्यंजन में शुद्ध घी, दूध और मेवे का उपयोग हुआ।” भोग तैयार करने में 50 से अधिक सेवायत और रसोइये लगे रहे।
सुबह 5 बजे मंगला आरती से कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद शृंगार दर्शन, राजभोग और संध्या आरती हुई। दोपहर में भोग आरती के समय हजारों श्रद्धालु कतार में लगे। प्रसाद में हर भक्त को एक-एक व्यंजन का हिस्सा मिला। मंदिर के बाहर विशेष स्टॉल लगाए गए, जहां दान-पुण्य और अन्नक्षेत्र में भोजन वितरित किया गया। जयपुर के अलावा राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से भी श्रद्धालु पहुंचे।
मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। सीसीटीवी, पुलिस बल और वॉलंटियर्स तैनात रहे। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत विहिप्रसाद ने कहा, “यह पर्व ठाकुर जी की कृपा और भक्ति का प्रतीक है। हर साल लाखों लोग दर्शन करते हैं।” सोशल मीडिया पर #VyajanDwadashi और #GovindDevJi ट्रेंड कर रहे हैं, जहां भक्तों ने फोटो और वीडियो शेयर किए।
यह उत्सव जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाता है। प्रशासन ने मंदिर मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की। मौसम सुहाना होने से भक्तों की संख्या में इजाफा हुआ। मंदिर में रात 10 बजे तक दर्शन चले।