झांसी में वोटर लिस्ट में अमिताभ बच्चन का नाम — सच या फेक?

झांसी। उत्तर प्रदेश में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR — Special Intensive Revision) के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सामाजिक मीडिया से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मचा दिया। एक पुरानी वोटर लिस्ट में बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और उनके पिता हरिवंश राय बच्चन का नाम दर्ज होने का दावा किया गया — लेकिन बाद में प्रशासन ने इस दावे को फर्जी बताया है। Live Hindustan+2India Daily+2


📄 वायरल लिस्ट: क्या था दावा?

  • वायरल हो रही 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट में ओरछा गेट क्षेत्र (खुशीपुरा / कछियाना इलाके) के मकान नंबर 54 के मतदाता के रूप में “अमिताभ पुत्र हरिवंश राय बच्चन” नाम दिख रहा था। India Daily+1

  • लिस्ट के अनुसार, उस मतदाता की उम्र 76 वर्ष बताई गई थी और यह कहा गया था कि उन्होंने 2003 में मतदान भी किया था। India Daily+1

  • साथ ही, उसी मकान नंबर पर एक अन्य नाम (सुरेंद्र कुमार पुत्र राजेश कुमार) भी वोटर सूची में दर्ज था — जिससे यह और संदिग्ध हो गया कि कैसे एक मकान में दो नाम दर्ज हो सकते हैं। India Daily


✅ प्रशासन की प्रतिक्रिया — मामला फर्जी निकला

  • मामले की जाँच के बाद, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उक्त नाम — अमिताभ बच्चन या हरिवंश राय बच्चन — किसी भी वर्तमान या पूर्व वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है। Live Hindustan+1

  • जिला प्रशासन ने कहा कि यह सूची फर्जी पाई गई है — संभवतः किसी ने जानबूझकर नाम जोड़कर इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। Live Hindustan+1

  • इस प्रकरण में छेड़-छाड़ के आरोप के तहत जाँच शुरू कर दी गई है। Live Hindustan+1

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🧑‍🤝‍🧑 स्थानीय लोगों की रिपोर्ट — “हमने कभी बच्चन परिवार नहीं देखा”

जब स्थानीय निवासियों से बात की गई, तो उन्होंने खुलकर कहा कि कभी किसी ने इस इलाके में बच्चन परिवार को नहीं देखा है। लोगों का कहना था कि अगर ऐसा नाम दर्ज हुआ भी था, तो निश्चित रूप से यह बाक़ी निवासियों को पता चलता। India Daily+1
इससे यह स्पष्ट हुआ कि वोटर लिस्ट में दर्ज यह नाम किसी वास्तविक पते या व्यक्ति का प्रतिनिधित्व नहीं करता।


⚠️ सवाल उठे — वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता पर

इस घटना ने मतदाता सूची प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। यदि इतनी बड़ी हस्ती का नाम फर्जी तरीके से लिस्ट में दर्ज हो सकता है, तो आम नागरिकों की जानकारियाँ, पता, और मतदान अधिकारों से जुड़ी सूचियाँ कितनी सुरक्षित या सही होंगी?

प्रशासन की ओर से चेतावनी दी गई है कि वोटर लिस्ट की जाँच स्वयं करें, अगर कोई अंश संदिग्ध लगे तो शिकायत करें।

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