लोकसभा में PM मोदी की स्पीच के बिना पास हुआ धन्यवाद प्रस्ताव: 2004 के बाद पहली बार, कांग्रेस ने कहा- राहुल बोले बिना PM को नहीं बोलने देंगे

  • संसद के बजट सत्र में आज एक ऐतिहासिक और विवादास्पद घटना घटी। लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव विपक्ष के भारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। संसद में ऐसा 2004 के बाद पहली बार हुआ है।

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 के सातवें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हंगामे और नारेबाजी के बीच स्पीकर ओम बिरला ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में अपना पारंपरिक जवाबी भाषण नहीं दे पाए।

सूत्रों के अनुसार, यह घटना 2004 के बाद पहली बार हुई है, जब धन्यवाद प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पास हुआ। उस समय विपक्ष ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बोलने से रोका था।

कांग्रेस का तीखा रुख कांग्रेस ने इस घटना पर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया जाता, तब तक प्रधानमंत्री को भी सदन में बोलने नहीं दिया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब के मुद्दे पर बोलने से रोका, जिसके चलते हंगामा बढ़ता गया।

क्या था पूरा विवाद? बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना तय था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई। कांग्रेस सांसदों ने रणनीति के तहत लगातार नारे लगाए और ट्रेजरी बेंच की ओर बढ़कर विरोध जताया। नतीजतन पीएम का भाषण टल गया और आज बिना उनके जवाब के ही प्रस्ताव पास कर दिया गया।

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राज्यसभा में PM का संबोधन हालांकि लोकसभा में पीएम मोदी नहीं बोल पाए, लेकिन सूत्रों ने बताया कि वे राज्यसभा में शाम 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे सकते हैं। राज्यसभा में अभी तक कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ है।

विपक्ष का दावा और सत्ता पक्ष का जवाब कांग्रेस सांसदों ने इसे संसदीय परंपरा का उल्लंघन बताया और कहा कि सरकार लोकतंत्र की आवाज दबा रही है। वहीं सत्ता पक्ष ने कांग्रेस पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि विपक्ष अब राहुल गांधी को “अबोध बालक” की तरह बंधक बनाकर रख रहा है।

यह घटना संसद में जारी राजनीतिक तनाव को और उजागर करती है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संसदीय मर्यादा तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।

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