हम जिन्दा हैं-तुम्हे भूखों नहीं मरने देगें

देवरिया। हम जिन्दा हैं। तुम्हे भूखों नहीं मरने देंगे। कुछ इसी प्रकार का जज्बा लिए लार और मेहरौना में अपने स्टाल सजाये खड़े हैं समाजसेवी लोग। बिहार जा रहे भूखे-प्यासे मजदूरों की सेवा में निष्काम भाव से लगे हैं। निष्काम इस लिए कि जिनकी मदद की जा रही वे यहाँ के वोटर नहीं, सपोर्टर नहीं। वे राहगीर हैं, उनसे कोई जान पहचान नहीं। मन में केवल एक भाव है-

तुम्हारी थकन ने मुझे तोड़ डाला,
तुम्हें क्या पता क्या सहन कर रहा हूँ ।

मैं अहसास तक भर गया हूँ लबालब,
तेरे आँसुओं को नमन कर रहा हूँ।

जी हाँ। आज 17 मई 2020 को लार और मेहरौना में कुछ यही तश्वीरें दिखीं। लार कस्बा के रायनी क्लब के सद्दाम लारी और उनके सहयोगियों ने वाहनों से या पैदल जा रहे बिहार के श्रमिक मजदूरों पर 40 हजार के फल व पानी के पाऊच न्योछावर कर दिए। उधर नदौली के प्रधान पम्मू तिवारी ने मेहरौना में लंगर खोलवा दिया। अनवरत भोजन। हर जरूरतमन्द को भोजन, पानी। उनके सहयोग में राजनाथ तिवारी ,सुधीर तिवारी ,बंशीधर तिवारी ,श्रीप्रकाश तिवारी ,शाही जी ,अमित तिवारी ,धनंजय तिवारी ,पूर्णानंद तिवारी आदि लोग हैं।

उधर मेहरौना में कुछ मुस्लिम परिवारों ने मस्जिद से थोड़ा पूरब अल्पाहार का स्टाल लगा दिया है। बिहार के हजारों श्रमिक यहाँ के लोंगों को दुआ दे रहे। सबके मुंह से यही निकल रहा लार व मेहरौना जैसी व्यवस्था पूरे रास्ते में कहीं नहीं मिली।

 

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