चारधाम यात्रा कल से शुरू: कैसे पहुंचें, कहां रुकें, कितना होगा खर्च

हरिद्वार, 29 अप्रैल 2025: उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हो रही है, जो 6 नवंबर तक चलेगी। यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट 30 अप्रैल, केदारनाथ 2 मई, और बद्रीनाथ 4 मई को खुलेंगे। लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। यात्रा की योजना बनाने के लिए यहां जरूरी जानकारी दी जा रही है, जिसमें रास्ते, ठहरने की व्यवस्था, और खर्च का अनुमान शामिल है।

कैसे पहुंचें चारधाम

चारधाम यात्रा की शुरुआत आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से होती है, जो दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़े हैं। यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, केदारनाथ, और बद्रीनाथ तक जाती है।

  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है, जो हरिद्वार से 35 किमी और ऋषिकेश से 20 किमी दूर है। दिल्ली, मुंबई, और अन्य शहरों से नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं। हवाई अड्डे से टैक्सी या बस से हरिद्वार/ऋषिकेश पहुंचा जा सकता है।

  • रेल मार्ग: हरिद्वार और ऋषिकेश निकटतम रेलवे स्टेशन हैं। दिल्ली से हरिद्वार के लिए नियमित ट्रेनें (शताब्दी, जन शताब्दी, आदि) चलती हैं। स्टेशन से चारधाम के लिए बस या टैक्सी उपलब्ध हैं।

  • सड़क मार्ग: दिल्ली से हरिद्वार (225 किमी) और ऋषिकेश (200 किमी) राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और 7 के माध्यम से जुड़े हैं। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें और निजी टैक्सी हरिद्वार/ऋषिकेश से बरकोट (यमुनोत्री), उत्तरकाशी (गंगोत्री), गुप्तकाशी (केदारनाथ), और जोशीमठ (बद्रीनाथ) के लिए चलती हैं।

  • हेलीकॉप्टर सेवाएं: समय बचाने के लिए देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से यमुनोत्री (खरसाली), गंगोत्री (हरसिल), केदारनाथ (फाटा/सिरसी), और बद्रीनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध हैं। चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर पैकेज की कीमत प्रति व्यक्ति 1.25 लाख से 2 लाख रुपये तक हो सकती है।

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रूट मैप:

  • यमुनोत्री: हरिद्वार → बरकोट (220 किमी) → जानकी चट्टी (45 किमी) → यमुनोत्री (6-7 किमी पैदल/पोनी)। खड़ी चढ़ाई, मध्यम कठिनाई।

  • गंगोत्री: बरकोट → उत्तरकाशी (100 किमी) → गंगोत्री (100 किमी)। रास्ता आसान, सड़क से पहुंच।

  • केदारनाथ: उत्तरकाशी → गुप्तकाशी (180 किमी) → सोनप्रयाग → गौरीकुंड (10 किमी) → केदारनाथ (20 किमी पैदल/पोनी)। खड़ी चढ़ाई, कठिन ट्रेक।

  • बद्रीनाथ: गौरीकुंड → रुद्रप्रयाग → जोशीमठ (160 किमी) → बद्रीनाथ (45 किमी)। सड़क से पहुंच, आसान।

कहां रुकें

चारधाम मार्ग पर बरकोट, उत्तरकाशी, गुप्तकाशी, जोशीमठ, और अन्य आधार स्थलों पर विभिन्न प्रकार के ठहरने के विकल्प उपलब्ध हैं।

  • बजट आवास: गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं, और स्थानीय लॉज 500-1500 रुपये प्रति रात की दर से उपलब्ध हैं। जानकी चट्टी, उत्तरकाशी, और गौरीकुंड में बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं।

  • मध्यम श्रेणी: बरकोट (होटल सम्राट, मोनाल रेजिडेंसी), उत्तरकाशी (होटल शिवलिंग), गुप्तकाशी (होटल मंदाकिनी), और जोशीमठ (होटल भागवत) में 1500-3000 रुपये प्रति रात में डीलक्स कमरे।

  • लक्जरी विकल्प: देहरादून (हयात सेंट्रिक), बद्रीनाथ (विजयलॉर्ड पैलेस), और हरसिल (हरसिल रिट्रीट) में 5000-10000 रुपये प्रति रात की दर से सुविधाजनक होटल।

  • हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए: खरसाली (होली यमुना), हरसिल (हरसिल रिट्रीट), सिरसी (शेरसी हाइट्स रिजॉर्ट), और बद्रीनाथ में डीलक्स होटल पैकेज में शामिल होते हैं।

बुकिंग टिप्स: पीक सीजन (मई-जून) में होटल जल्दी भर जाते हैं, इसलिए पहले से बुकिंग करें। ऑनलाइन पोर्टल जैसे यात्री.कॉम, मेकमायट्रिप, या उत्तराखंड टूरिज्म की वेबसाइट उपयोगी हैं।

खर्च का अनुमान

  • बजट यात्रा (बस/साझा टैक्सी, GMVN/धर्मशाला): प्रति व्यक्ति 15,000-25,000 रुपये (10-12 दिन, भोजन और आवास सहित)।

  • मध्यम श्रेणी (निजी टैक्सी, मध्यम होटल): प्रति व्यक्ति 30,000-50,000 रुपये।

  • लक्जरी यात्रा (होटल, निजी कार): प्रति व्यक्ति 60,000-80,000 रुपये।

  • हेलीकॉप्टर पैकेज: प्रति व्यक्ति 1.25 लाख-2 लाख रुपये (4-5 दिन, VIP दर्शन सहित)।

  • अतिरिक्त खर्च: पालकी/पोनी (यमुनोत्री: 2000-3000 रुपये, केदारनाथ: 5000-8000 रुपये), दान, पूजा सामग्री, और स्थानीय दर्शनीय स्थल।

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जरूरी टिप्स

  • रजिस्ट्रेशन: यात्रा के लिए ऑनलाइन (उत्तराखंड टूरिज्म पोर्टल) या ऑफलाइन (हरिद्वार, ऋषिकेश, गुप्तकाशी में 20 काउंटर) पंजीकरण अनिवार्य है। आधार कार्ड, फोटो, और मेडिकल सर्टिफिकेट साथ रखें।

  • स्वास्थ्य: 12 साल से कम और 65 साल से अधिक उम्र के यात्रियों को मेडिकल क्लीयरेंस चाहिए। ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए फिटनेस जरूरी।

  • पैकिंग: गर्म कपड़े (जैकेट, दस्ताने, मोजे), रेनकोट, आरामदायक जूते, और दवाएं साथ रखें। हेलीकॉप्टर यात्रा में 5-6 किलो सामान की सीमा।

  • सुरक्षा: यात्रा मार्ग पर 24×7 मेडिकल हेल्पलाइन और स्क्रीनिंग पॉइंट उपलब्ध हैं। मोबाइल फोन और रील बनाने पर केदारनाथ मंदिर में प्रतिबंध।

  • खानपान: शाकाहारी भोजन उपलब्ध, शराब और मांस निषिद्ध। स्थानीय ढाबों में 100-200 रुपये में भोजन मिलता है।

यात्रा की तैयारी

  • मई-जून और सितंबर-अक्टूबर यात्रा के लिए सर्वश्रेष्ठ समय। जुलाई-अगस्त में भूस्खलन का जोखिम।

  • यमुनोत्री और केदारनाथ में खड़ी चढ़ाई, इसलिए फिटनेस और ट्रेकिंग की तैयारी करें।

  • गंगा आरती (हरिद्वार/ऋषिकेश) और स्थानीय आकर्षण (सूर्य कुंड, गौमुख, तप्त कुंड) का आनंद लें।

चारधाम यात्रा आध्यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। पहले से योजना बनाएं, रजिस्ट्रेशन पूरा करें, और सुरक्षित यात्रा का आनंद लें। अधिक जानकारी के लिए उत्तराखंड टूरिज्म की वेबसाइट (www.uttarakhandtourism.gov.in) देखें।

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