काली प्रसाद के जिलाध्यक्ष बनने के बाद सलेमपुर सुरक्षित सीट के रण में विजय की तैयारी

दलित वर्ग का भाजपा की तरफ बढ़ेगा रुझान 

सलेमपुर। भाजपा कार्यकर्ता केवल नारा ही नहीं गढ़ते राजनीति की विसात पर गढ़े गए इन नारों को धरातल पर उतार कर सच साबित करते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक नारा गढ़ा था – दुर्गा, काली के बाद अब लक्ष्मी। विधान सभा चुनाव का परिणाम आया और सलेमपुर सुरक्षित सीट से विजय लक्ष्मी गौतम विधायक चुनी गयीं। माननीय विजय लक्ष्मी गौतम को सरकार में ग्राम्य विकास मंत्री वनाया गया।

गुरुवार को एक राजनितिक घटनाक्रम के बाद सलेमपुर के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक नारा गढ़ा -सलेमपुर के रण में चाहिए विजय। वही विजय जो कभी स्वर्गीय पंडित दुर्गा प्रसाद मिश्र ने जनसंघ के माध्यम से दिलाया था तो पूर्व विधायक काली प्रसाद व मौजूदा विधायक व सूबे की राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने भाजपा के कमल को दिलाया था। सलेमपुर के रण में चाहिए विजय। इसका सीधा अर्थ हुआ कि भाजपा से सलेमपुर में 2027 के लिए अपनी दावेदारी कर रहे रण विजय कुमार को लेकर यह नारा गढ़ा गया है।

राजनितिक परिदृश्य में सलेमपुर के पूर्व विधायक काली प्रसाद को देवरिया भाजपा का जिलाध्यक्ष बनाये जाने से सलेमपुर विधान सभा क्षेत्र से 2027 के चुनाव में रणविजय कुमार की दावेदारी और मजबूत हुई है। सलेमपुर विधान सभा सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है। यहाँ से राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम विधायक हैं। भाजपा के अंदरखाने में विजय लक्ष्मी गौतम पूर्व विधायक काली प्रसाद व रण विजय कुमार सलेमपुर से विधान सभा सीट के लिए भाजपा से प्रमुख दावेदार थे।अब जबकि पूर्व विधायक काली प्रसाद को संगठन की जिम्मेदारी देकर उन्हें देवरिया भाजपा का जिलाध्यक्ष बनाया गया तो रणविजय कुमार के समर्थकों में खासा उत्साह दिखा। सलेमपुर की सियासी तश्वीर क्या होगी? यह भविष्य तय करेगा। भाजपा किसे चुनाव में उतारेगी यह पार्टी हाईकमान को तय करना है लेकिन सलेमपुर की धरती से “रण में विजय” का जो नारा उत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने गढ़ा है उसके लिए जमीन पर काम करना भी शुरू कर दिया गया है।

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सलेमपुर सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित है। भाजपा का कौन प्रत्याशी सर्वाधिक दलित वोटरों को अपने साथ जोड़ेगा हाई कमान उसकी भी समीक्षा करेगा। दलित वर्ग के राकेश कुमार, राजकुमार भारती, ओमप्रकाश प्रसाद, दिलीप गौतम, विनोद प्रसाद, विजय प्रताप गौतम, दिवाकर भास्कर, सुरेश प्रसाद, ध्रुव कुमार, अमित भारती, प्रभाकर कुमार, विपुल कुमार गौतम, मृत्युंजय कुमार आदि सैकड़ों युवा कार्यकर्ता चाहते हैं कि रणविजय कुमार को पार्टी मौका दे। गुरुवार को जिस उत्साह के साथ रणविजय कुमार के नेतृत्व में नए जिलाध्यक्ष काली प्रसाद का स्वागत हुआ और पूर्व विधायक काली प्रसाद व भाजपा नेता रण विजय कुमार के चेहरे के भाव जिस प्रकार से प्रदर्शित हो रहे थे, समझदारों के लिए बहुत कुछ सन्देश दे रहे हैं।

इतिहास गवाह है राजनीति में पद व प्रतिष्ठा मिलने के बाद जो भी लोग अहंकार में अपने कार्यकर्ताओं का तिरस्कार करते हैं उन्हें नुकसान ही उठाना पड़ता है। भागलपुर ब्लाक के देवकली गाँव से क्षेत्र पंचायत सदस्य पद से राजनीति की शुरुवात करने वाले काली प्रसाद मिलनसार व्यक्तित्व के नेता हैं। जनता ने उन्हें अपार स्नेह देकर विधायक बनाया तो उन्होंने अपने कार्यकाल में किसी कार्यकर्ता का तिरस्कार नहीं किया और आज स्थिति सामने है देव भूमि देवरिया के भाजपा की बागडोर पार्टी ने उन्हें सौंप दी है।

सलेमपुर के रण में विजय की राह आसान इस लिए भी हो गयी कि पूर्व विधायक काली प्रसाद को संगठन की जिम्मेदारी दे गयी। वास्तव में यदि वे जिलाध्यक्ष नहीं बनाये गए होते तो 2027 में वे सलेमपुर से विधायक पद के प्रबल दावेदार रहते।

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