जिसकी बाउंड्रीवाल पर दूसरे ने डलवा दी अपना छत उसी पर प्रशासन ने कर दिया शान्तिभंग की कार्रवाई
संवाददाता देवरिया। कमजोर लोगों पर त्वरित कार्रवाई और दबँगो को केस लटकाने का पूरा समय, इस तरह से भला किसी पीड़ित को कैसे न्याय मिलेगा।सलेमपुर में अपने बाउंड्री वॉल पर पड़ोसी द्वारा छत डाले जाने से नाराज़ एक युवक ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस युवक को अपने साथ कोतवाली ले गई और उस पर शान्तिभंग की कार्रवाई की।
सलेमपुर के हरैया वार्ड निवासी रितिक गुप्ता उर्फ विकास पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनका परिवार मुंबई में रहता है। हाल ही में सलेमपुर आने पर उन्हें पता चला कि पड़ोसी सुभाष चंद्र सिंह ने उनकी बाउंड्री वॉल के ऊपर छत का निर्माण करा लिया है।रितिक के अनुसार, वह पिछले एक माह से मामले की शिकायत क्षेत्रीय लेखपाल, नायब तहसीलदार तथा एसडीएम से कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी दो बार शिकायत दर्ज कराई, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
कार्रवाई न होने से क्षुब्ध रितिक सोमवार को एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। ऋतिक के अनुसार उसके पिताजी विकलांग है और वह खुद स्वयं मुंबई में रहकर नौकरी करते हैं पिछले एक महीने से यहां न्याय की गुहार हर प्रशासनिक अधिकारियों से लगा चुके हो फिर भी कोई स्थाई समाधान न निकलने से अब उनकी नौकरी भी उन्हें जाती हुई दिख रही है
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान उन्होंने अपना सिर दीवार से मारना शुरू कर दिया, जिससे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और प्रशासन को सूचना दी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय परिसर में हंगामा किए जाने के मामले में युवक के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, सलेमपुर कोतवाली पुलिस युवक को अपने साथ थाने ले गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मजिस्ट्रेट का पास पर्याप्त अधिकार रहता है। जब मजिस्ट्रेट की जांच में चार इंच दूसरे के हक पर दीवाल मिली तो उसे या तो उसका मुआवजा दिलवा दिया गया होता या उतना अतिक्रमण हटवा दिया गया होता। दीवानी में तो कितना जल्दी न्याय मिलेगा इसका अंदाजा लगाना कठिन होगा।
मजिस्ट्रेट ने जाँच कर अपनी रिपोर्ट जारी किया 👇
