कोरोना के संक्रमणकाल में परेशान पत्रकारिता: एन डी देहाती

एन डी देहाती

30 मई को सोशल मीडिया पर पत्रकारिता दिवस की शुभकामना देखी। कैसी शुभकामना? कोरोना के इस संक्रमणकाल में पत्रकारिता भी तो परेसान है। सब कुछ थम गया है। पत्रकारिता ही नहीं यहाँ तो जीवन पर संकट है। दूसरों के ऊपर हुए अत्याचारों के खिलाफ ताल ठोकने वाले पत्रकार आज अपनी ही लड़ाई नहीं लड़ सकते।  जो पत्रकार यह कहते थे कि हम स्वान्तः सुखाय के लिए लिखते हैं। वे अब कहाँ लिखेंगे। लिखेंगे तो कहाँ छपेगा?  अस्तित्व पर संकट है। रोजी -रोटी पर संकट है। मान- सम्मान- पहचान पर भी संकट है। किसी के घर मौत होती है तो तेरही या सोरही के बाद काम काज पटरी पर आ जाता है। लोग गम भूलकर अपने काम में जुट जाते हैं। यहाँ तो मार्च के आखिरी हफ्ते से शुरू संकट पूरा अप्रैल, पूरा मई ले डूबा। अभी उबरने के आसार नजर नहीं आते। तमाम झँझवातों, दिक्कतों के बावजूद पत्रकार साथी आप तक खबर पहुंचाने के लिए इस संक्रमणकाल में भी खड़े हैं। आप का स्नेह, प्यार, दुलार ही पत्रकारों के लिए संजीवनी है।

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🐄 गौ सेवा, प्रभु सेवा 🐄
जय श्री कृष्ण! जय गौमाता! 🙏

साथियों,
VMW TEAM FOUNDATION का यह अटूट संकल्प है कि हर महीने के अंतिम रविवार को हम अपनी गौमाताओं की सेवा के लिए एकत्रित हों। इसी कड़ी में, इस रविवार को हम गौशाला में हरे चारे की विशेष व्यवस्था कर रहे हैं।
गाय हमारी संस्कृति और आस्था का केंद्र है। उनकी सेवा से मिलने वाला संतोष और पुण्य अतुलनीय है।
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आइए, मिलकर पुण्य के इस कार्य को सफल बनाएं।

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