दिल्ली से पैदल चली गर्भवती महिला ने दिया बच्ची को जन्म
कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच हर रोज सकड़ों लोग सड़क, रेल की पटरी पर पैदल चलते मजदूरों की ख़बरे आ रहीं हैं. जो भी देखता हैं बस यहीं पूछता हाई कहां से आए हो… कहां जा रहे हो… बस… इन दो सवालों का जवाब देते देते सफ़र पूरा हो जा रहा हैं पर प्रशासन को यह सब क्यों नहीं दिखाई देता .
बिहार के सुपौल जिले के बलहां गांव निवासी संदीप यादव दिल्ली से अपनी अपनी 3 साल की बच्ची और गर्भवती पत्नी के साथ सिर पर सामान की गठरी लादे चल दिए अपने जन्मभूमि के तरफ . संदीप ने कहा की हम पूरा सफ़र पैदल काट रहें थे की एक जगह ट्रक वाले ने सहायता की लेकिन जैसे ही पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी तब वह डर गया और हम सभी को गाड़ी से उतार दिया. सड़क पर बेसहारा हमें छोड़कर चला गया। उसके बाद हम उत्तर प्रदेश-बिहार की सीमा पर बलथरी चेक पोस्ट के पास पहुचें तथा जब हिम्मत हार रहें थे तो स्थानीय पुलिसकर्मियों के माध्यम से गोपालगंज जिलाधिकारी को पीड़ा बताये.
जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी अरशद अजीज ने तत्काल मेडिकल टीम भेजकर संदीप की पत्नी रेखा को गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल आते ही पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया।