उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अंदरखाने में कुछ गड़बड़ है क्या?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में अंदरुनी खटराग

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में खोई सियासी जमीन को पुख्ता करने के लिए जमीनी नेता अजय कुमार लल्लू को अध्यक्ष बनाया गया। कमेटी में 24 सचिव, 12 महासचिव और चार प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किये गये । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में लगभग 45 फीसदी पिछड़ी जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जहां युवाओं को कमान मिली तो दूसरी तरफ 18 वरिष्ठ नेताओं की सलाहकार समिति भी गठित की गई । इसके अतिरिक्त एक 8 सदस्यीय रणनीति ग्रुप भी बनाया गया है जिसमें तेजतर्राक अनुभवशाली नेताओं को रखा गया है। इन सबके बावजूद प्रदेश कांग्रेस के अंदरखाने में कुछ बगावती बू आने लगी है।
यूपी में कांग्रेस सत्ता से बाहर भले है। अंदरखाने में हलचल बहुत है। यह हलचल भितरघातियों के चलते है। कुछ ऐसे कांग्रेसी नेता संघठन के रडार पर हैं जिनकी गतिविधियों पर सन्देह उठने शुरू हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश में दागी नेता अपने ही पार्टी के खिलाफ जहर बो रहे हैं। जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी काफी सख्त है । सूत्रों की माने तो ये अंदुरूनी सियासत प्रदेश की नई कमेटी के बनने के बाद शुरू हुई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की निगाह पूरे मामले पर है। उन्हें पता है कौन क्या कहा बक रहा है। जरूरत पड़ी तो वे कार्रवाई से भी बाज नहीं आएंगे। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस नेतृत्व बगावती तेवर वाले नेताओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ साथ पार्टी से बाहर करने को तैयार दिख रही है। सूत्र बताते हैं कि कई कद्दावर नेताओं के अतिरिक्त कांग्रेस के कई नेता जो प्रदेश संगठन में अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं यदि सप्ताह भीतर कही एक साथ बैठक कर कुछ अलग निर्णय ले लें तो यह पार्टी के लिए नुकसानदेह ही होगा। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के भीतर का खटराग पार्टी को ही कमजोर करेगा। जनता तो अब कांग्रेस में सम्भावना तलासने में लगी है। ऐसे में मजबूती से सभी को एकजुट रहकर सत्ता में आने की पहल और संगठन को जन सरोकार से जोड़ना जरूरी है।

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