स्वस्थ तन, स्वस्थ मन – राजस्थान में आरोग्य मेला का आयोजन 1 मार्च से 4 मार्च तक
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के ‘आपणों अग्रणी राजस्थान, स्वस्थ राजस्थान एवं विकसित राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने हेतु आयुष विभाग द्वारा 4 दिवसीय राज्य स्तरीय आरोग्य मेला-2025 का आयोजन 1 मार्च से 4 मार्च तक शिल्पग्राम, जवाहर कला केंद्र में किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने प्रेस वार्ता में बताया कि मेले का उद्देश्य आयुष पद्धतियों की प्रभावशीलता एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में नागरिकों को जागरूक करना, आयुष विशेषज्ञों के ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान करना तथा रोगों से बचाव व उपचार में इन पद्धतियों की विशेषता से जनमानस को लाभान्वित करना है। उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय आरोग्य मेले का शुभारंभ 1 मार्च को प्रातः 11 बजे उनके द्वारा किया जाएगा। मेला 4 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 8 बजे तक आयोजित होगा।
आयुष मंत्री ने बताया कि आरोग्य मेला अवधि में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्रदान किया जाएगा। साथ ही, प्रतिदिन प्रातः 7 से 8 बजे तक योगाभ्यास कराया जाएगा और विभिन्न रोगों से संबंधित योग क्रियाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा आयुर्वेद की विशिष्ट पंचकर्म चिकित्सा, जलौका चिकित्सा, अग्निकर्म चिकित्सा, ऑस्टियोपैथी, मर्म चिकित्सा एवं कपिंग थेरेपी जैसी विशिष्ट आयुष चिकित्सा विधाओं से उपचार की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
मेले में सौंदर्य विशेषज्ञों द्वारा हर्बल चिकित्सा और प्राकृतिक सौंदर्य उपायों पर जानकारी दी जाएगी। साथ ही, आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग एवं यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में कौशल विकास एवं शैक्षिक अवसरों के बारे में जानकारी दी जाएगी। आयुर्वेद फार्मेसी स्थापित करने की प्रक्रिया और संबंधित पाठ्यक्रमों की पात्रता व प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
राज्य औषध पादप मंडल द्वारा औषधीय पादपों की पहचान, उनके औषधीय महत्व की जानकारी एवं 15 से अधिक प्रजातियों के औषधीय पादपों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। साथ ही, औषधीय पादपों के संरक्षण, संवर्द्धन, कृषिकरण एवं विपणन हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा क्षेत्र की विभिन्न औषधि निर्माता फर्मों द्वारा नवीनतम औषध उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु लगभग 50 स्टॉल लगाए जाएंगे। विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली, बांझपन के कारण एवं निवारण, यौगिक षट्कर्म आदि विषयों पर व्याख्यान दिए जाएंगे, जिससे आयुष चिकित्सक, विद्यार्थी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता लाभान्वित होंगे।
मेले में भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न संस्थाओं की गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान एवं एन.सी.आई.एस.एम. द्वारा आयुष चिकित्सकों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। प्रतिदिन सायं 6:30 बजे से 8:00 बजे तक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाट्य मंचन, मानस रोगों पर आधारित राग विशेष का गायन एवं संगीतमय ध्यान अभ्यास का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आनंद कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. बत्तीलाल बैरवा, होम्योपैथिक विभाग की निदेशक डॉ. रेणु बंसल, यूनानी विभाग के निदेशक डॉ. मनमोहन खींची सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।