अल्पसंख्यक मामलात विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक— लंबित कार्यों को चालू वित्तीय वर्ष में पूर्ण करवाने पर जोर
जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक मामलात विभाग अश्विनी भगत ने विभाग के मुख्यालय में पदस्थापित अधिकारियों व सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के राजकीय अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन सुनिश्चित करें तथा लंबित सभी कार्यों को चालू वित्तीय वर्ष में पूर्ण करवाने की दिशा में ठोस प्रयास करें।
शासन सचिवालय में आयोजित इस राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अश्विनी भगत ने कहा कि जिला स्तर पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों व प्रोग्राम अधिकारियों को थिंक टैंक बनाकर माहवार चर्चा करनी चाहिए, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विभाग की जिलों में अवस्थित चल-अचल संपत्तियों का उचित रिकॉर्ड बनाए रखने और इनके बेहतर उपयोग पर जोर दिया ताकि अधिकतम लाभ आमजन तक पहुँच सके।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को राजकीय अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में नियमित निरीक्षण करने, विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करने, भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा करने और आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि इन सभी सूचनाओं को “टाइम्स” पोर्टल पर समय पर अपडेट किया जाए। साथ ही, ई-फाइलिंग की पूर्ण रूप से क्रियान्विति पर भी बल दिया।
बैठक में पीडब्लूडी, राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड, आरएसआरडीसी, आईसीडीएस सहित विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश देते हुए अश्विनी भगत ने कहा कि वे विभाग के साथ समन्वय कर चालू वित्तीय वर्ष में लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करें। विशेष रूप से, जो कार्य अंतिम चरण में हैं, उन्हें प्राथमिकता देने की आवश्यकता है ताकि आमजन को जल्द से जल्द उनका लाभ मिल सके।
इस बैठक में अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निदेशक मातादीन मीना, संयुक्त सचिव नीतू बारूपाल सहित राज्य मदरसा बोर्ड, राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग, आरएमएफडीसीसी और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।