ट्रैफिक पुलिस का कारनामा : प्रधानाध्यापक की गाड़ी लखनऊ में घर पर, कानपुर में चालान
देवेन्द्र पुरोहित, लखनऊ | हाईटेक हो रही ट्रैफिक पुलिस बिना किसी जांच और डाटा वैरीफिकेशन के ही लोगों को चालान भेज रही है। जिससे आम जनमानस परेशान है ऐसा ही देवरिया के लार स्थित सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ हुआ है, जिनकी कार लखनऊ के घर पर खड़ी होने के बाद भी कानपुर ट्रैफिक पुलिस ने किसी दूसरी गाड़ी का चालान उनके नंबर पर नो पार्किंग का भेज दिया। पीडि़त अब चालान को लेकर परेशान है।
गोमती नगर निवासी वीर भद्र मणि पाठक देवरिया के लार स्थित सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक हैं। श्री पाठक ने बताया कि उनके पास सोनेट कार है। और पिछले कई दिनों से वह लखनऊ में रह रहे है कल मेरे पास मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें उनकी गाड़ी UP32MQ4621 का कानपुर में नो पार्किंग का चालान था। उनकी नजर गाड़ी की फोटो पर पड़ी तो जिस गाड़ी का चालान हुआ था वह दूसरी कंपनी की गाड़ी थी। इसलिए यातायात विभाग के ऑनलाइन चालान को देखकर उन्हें झटका लगा और वह दंग रह गए ।
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। पुलिस कर्मियों के अलावा आइटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट) सिस्टम द्वारा विभिन्न चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी चालान होते हैं। रोजाना सात से आठ हजार चालान की फोटो पुलिस के पास आती हैं, मगर छंटने के बाद आठ-नौ सौ फोटो ही ऐसे होती हैं, जो स्पष्ट होती हैंं और उनमें चालान होने लायक होता है। कई बार इन फोटो के छांटने में चूक होती है और गलत चालान हो जाता है।
ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कानपुराइट्स की समस्या को देखते हुए टीम का गठन किया है। बीते तीन सप्ताह में 600 से अधिक चालान को कैंसिल किया गया है। जोकि मानवीय गलती से हो गए थे। कई बार फर्जी नंबर प्लेट वाहनों में लगाकर चलने वाले लोगों का ऑनलाइन चालान कटने पर चालान का मैसेज उस व्यक्ति के पास पहुंचता है, जिसके वाहन का असली नंबर होता है। लिहाजा शिकायत मिलने और जांच के बाद ऐसे चालानों को कैंसिल कर दिया जाता है।
डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक डेली आईटीएमएस से 100 से अधिक चालान होते हैं। वहीं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 500 से अधिक चालान ऑनलाइन होते हैं। रिव्यू में पाया गया कि डेली दो से तीन परसेंट के बीच यानि लगभग 10 गलत चालान एक्सपर्ट टीम की जांच में सामने आते हैं। जिनको डिपार्टमेंट की तरफ से कैंसिल कर दिया जाता है। इसके बाद बचे चालान को कोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
गलत चालान होने पर ये करें
डीसीपी यातायात ने बताया, चालान में तकनीकी खामी की संभावना है। किसी का भी गलत चालान होने पर वह डीसीपी यातायात कार्यालय आकर शिकायत करे। तत्काल जांच होगी और गलत चालान पाए जाने पर उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
इस तरह भी हो रही है गलती
– कैमरे वाहन के नंबर को पढऩे में कई बार गलती कर रहे हैं। ऐसे में कई बार कार को स्कूटर या बाइक के स्थान पर कार का चालान हो जाता है।
– चालान लिस्ट में गलत क्लिक होने पर भी कार चालक का हेलमेट में चालान होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
– रेड सिग्नल या बार्डर लाइन छूने पर भी चालान हो रहे हैं और कई बार गलत होते हैं।
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लखनऊ में घर के बाहर गाड़ी खड़ी है और चलान का मेसेज आता है की कानपुर में नो पार्किंग का , चलान में गाड़ी का फोटो किसी और गाड़ी का है । गज़ब हाल है डिजिटल इंडिया का । कहाँ शिकायत की जाये ? pic.twitter.com/OEJF8vstGa— The Newswala (@newswalaportal) June 13, 2023