लार के ये दबंग वर्दीधारी
देवरिया। लार थाने में जितना प्रभाव दरोगा व सिपाही का नहीं उतना वहां के गार्डों का है। वर्दी के नशे में चूर गार्ड आये दिन न सिर्फ कानून से खेलते हैं बल्कि अपने पड़ोसियों व पट्टीदारों से दबंगई भी करते हैं। उन्हें मारते पिटते धमकाते हैं। लोग डरते हैं कहीं रायफल लिए बैंक से घर चले गए और दारू ज्यादा चढ़ा लिए तो किसी को ठोक न दें। लार के चोरडीहा व पटना गॉव के गार्ड जो पीआरडी के जवान थे। बावर्दी मेहरौना चेकपोस्ट पर रात में वसूली करते सलेमपुर के सीओ के हाथ पकड़े गए। केस दर्ज हुआ, जेल गए। जमानत पर छूट के आएं हैं। दोगारी का एक होमगार्ड अपने ही पड़ोस की दो महिलाओं को बुरी तरह मारपीट कर सर फोड़ दिया। दरोगा ने पकड़कर हवालात में डाल दिया तो दफ्तर के लोग आधी रात को हवालात से बाहर कर दिए। दूसरे दिन शांतिभंग में चालान हुआ। मठिल उपाध्याय के एक होमगार्ड और पट्टीदारों में भूमि विवाद हुआ। इसके पूर्व भी कई होमगार्डों से कई मामले लार थाना में पहले से भी दर्ज हैं। यह तो कुछ उदाहरण हैं। लोगों को डर है कि नशेड़ी गार्डों को रायफल के साथ जो ड्यूटी लगाई जा रही है,वर्दी के गरूर में और नशे के हाल में कहीं कोई बवाल न कर दें। बेलगाम कुछ गार्डों की वजह से खाकी बदनाम हो रही है। समय रहते पुलिस महकमे को ध्यान देना होगा। दबंग और बदनाम गार्डों की तो ड्यूटी ही नहीं लगनी चाहिए लेकिन दफ्तरों के लोग इस मामले में गंभीर नहीं हैं।