लार में बीज विक्रेता ने बेचा नकली सेन्टाइजर, जाँच में पहुंचे अधिकारी

देवरिया। कृषि विभाग की मिली भगत से लार परिक्षेत्र में नकली खाद बीज कीटनाशक की बिक्री तो पहले से ही बड़े पैमाने पर होती है। अब कोरोना महामारी के बीच सेनेटाइजर जैसे पदार्थ भी नकली व अधिक दाम पर बेचे जा रहे। हास्यास्पद बात यह कि शिकायत के बाद पहुंचे तहसीलदार ने दुकान की ठीक से जांच नहीं की और दुकानदार से उपकृत होकर बैरंग लौट गए। कोरोना के भय से जी रहा आम आदमी बचाव के इंतजाम में है। लार के दुकानदार कालाबाजारी में लगे हैं।  सामन्यतः स्वच्छता के लिए छिड़काव के काम में आने वाला सोडियम हाईपोक्लोराइट का 500 एम् एल का बॉटल लार कस्बा के लारी बीज भण्डार पर  125 रुपये में बिक रहा है।
शनिवार को लार कस्बा के उक्त बीज भण्डार से हरखौली गॉव के वीरेेंेद्र पाण्डेय ने जब दो बॉटल सोडियम हाईपोक्लोराइट, दो प्लास्टिक के स्प्रे बॉटल खरीदा। सोडियम हाईपोक्लोराइट के बॉटल पर न तो बनाने वाली कम्पनी का नाम, न बिक्री दर, न कुछ और प्रिंट था। केवल कागज की एक फोटो कॉपी चस्पा थी जिसपर सोडियम हाईपोक्लोराइट लिखा था।  इतने महंगे दाम पर क्यों बेचा जा रहा। इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी पड़े। आरोप लगे कि कृषि विभाग की मिलीभगत से यह लिक्विड इतना महंगा बिक रहा है। खैर कृषि विभाग ने तो कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन सलेमपुर के तहसीलदार सतीश कुमार व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आरोपित दुकान पर पहुंचे। नियमतः दुकान सील की जानी चाहिए थी। किसी सक्षम मजिस्ट्रेट के सामने दुकान में रखे नकली कीटनाशकों की जांच होनी चाहिए। लेकिन अधिकारी दुकानदार को फटकार कर बैरंग वापस लौट गए। इस सम्बन्ध में नगर पंचायत लार के अधिशासी अधिकारी राजन नाथ तिवारी ने कहा कि लारी बीज भण्डार की जांच की गयी। दुकानदार ने सोडियम हाईपोक्लोराइट कहीं छिपा दिया। वह बिक्री से भी मुकर गया।

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