एसपी साहब ! विष्णुदत्त विश्नोई बुजदिल नहीं हैं पर उसे गंदी राजनीति में फंसाने की साजिश चल रहीं हैं
- राजस्थान के चुरू में राजगढ़ थाने में थानाप्रभारी थे इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई
- पुलिस महकमे में अपने सामाजिक नवाचारों से थी अच्छी पहचान
- मौत से पहले क्वार्टर में पुलिस इंस्पेक्टर ने एक सुसाइड नोट चुरू एसपी और दूसरा अपने माता-पिता और भाई के नाम लिखा

देवेंद्र पुरोहित (The Newswala) | राजस्थान के राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई के सरकारी क्वार्टर में शनिवार को खुदकुशी करने के बाद पूरा ख़ाकी और सफेदपोश संदेह के घेरे में आ गए हैं । मृतक थानाप्रभारी के दो सुसाइड नोट सामने आए है। इनमें एक नोट उन्होंने अपने जिले की एसपी तेजस्विनी गौतम के नाम लिखा। इसमें उन्होंने लिखा- आदरणीय मैडम, माफ करना, प्लीज, मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। मैंने अंतिम सांस तक मेरा सर्वोत्तम देने का राजस्थान पुलिस को प्रयास किया। निवेदन है कि किसी को परेशान नहीं किया जाए। मैं बुजदिल नहीं था। बस तनाव नहीं झेल पाया। मेरा गुनाहगार मैं स्वयं हूं। विश्नोई ने शनिवार तड़के अपने क्वार्टर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह काफी देर तक क्वार्टर से बाहर नहीं आने पर स्टॉफ ने दरवाजा खोलकर देखा तो खुदकुशी का पता चला।
वहीं दूसरे सुसाइड नोट में अपने माता पिता के नाम मृतक ने लिखा है कि – आदरणीय मां पापा, मैं आपका गुनाहगार हूं। इस उम्र में दुख देकर जा रहा हूं। उमेश, मन्कू और लक्की मेरे पास कोई शब्द नहीं है। आपको बीच मझधार में छोड़कर जा रहा हूं। पता है ये कायरों का काम है बहुत कोशिश की खुद को संभालने की पर शायद गुरु महाराज ने इतनी सांस दी थी। उमेश दोनों बच्चों के लिए मेरा सपना पूरा करना। संदीप भाई पूरे परिवार को संभाल लेना प्लीज, मैं खुद गुनाहगार हूं। आप सबका विष्णु ।
उधर, राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई की मौत पर राजनीति भी गरमा गई है। पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां और पूर्व विधायक मनोज न्यांगली के नेतृत्व में राजगढ़ पुलिस थाने के सामने धरना-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, चूरू विधायक राजेन्द्र राठौड़ और बीकानेर नोखा से विधायक बिहारी बिश्नोई ने भी मामले में सवाल उठाए हैं। सीबीआई से जांच करवाने तक की मांग की गई है।