मदिरालय खुले तो देवालय क्यों भूलें – बलराम मिश्रा

45 दिन के लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए शराब की दुकानें खोलने की छूट दे दी। जिसके बाद से शराब के शौकीन रखने वालों के चेहरों पर मुस्कान आई और सारे कायदे कानून और लॉक डाउन को मज़ाक बना कर हर जगह भीड़ लगा दी। सरकार के इस फैसले के बाद सरयूपारीण ब्राह्मण समाज ने सरकार से सवाल खड़े किए हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मदिरालय खोल सकती हैं तो देवालय क्यों नहीं?

सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष बलराम मिश्रा ने कहा कि – सभी नागरिकों में भारी रोष है कि देवालय बंद कर मदिरालय सरकार ने खोल दिए हैं। यह कौन सा कानून है कि भगवान के दरबार बंद करवा दो और  मदिरा की दुकानें खुलवा दो। उन्होने कहा कि – मंदिर जो भगवान का स्थान है जहां पूजा होती है और जिनकी कृपा से सभी दुखों का निवारण होता है वह क्यों बंद कर दिए हैं ? जब  सोशल डिस्टेसिंग के साथ मदिरालय खोल सकते है तो हम लोग भी सोशल डिस्टेसिंग  पालन करते हुये पूजा पाठ मंदिर में जाकर कर सकते हैं । हम सरकार से दरखास्त करते हैं कि सभी मंदिर खोले जाएं, जो भी सरकार शर्तें लगाए हमें वह मंजूर है, लेकिन देवालयों को जरूर खोला जाए. मंदिर में दर्शन के लिए भक्त पहले से ही लाइन लगाकर दर्शन करते हैं, इसलिए कुछ घण्टों के लिए छूट देना चाहिए। जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए दर्शन कराया जाए। जिससे भक्त दर्शन कर पाए और उन्हें आत्मिक शांति प्रदान हो सके।

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