लार में दर्ज हुआ तीन तलाक का पहला केस

देवरिया। जिले के लार थाने में तीन तलाक का पहला केस दर्ज हुआ। मोदी सरकार के नये कानून के प्रावधानों के तहत एक मुस्लिम महिला जो चार संतानों की माँ है, उसने अपने पति व ससुरालियों के खिलाफ तीन तलाक का केस दर्ज कराया है। यह केस सुतावर की एक मुस्लिम महिला ने अपने पति व परिजनों पर दर्ज कराया है।
लार थाना क्षेत्र के सुतावर की जैनब खातून पत्नी खुरशेद ने अपने पति, देवर, सास, नदद पर आरोप लगाया है कि उसकी शादी 25 वर्ष पूर्व सोहगरा के स्थायी निवासी व वर्तमान में सुतावर में रह रहे खुरशेद के साथ मुस्लिम रिति रिवाज से हुई थी। उसकी चार सन्तानें हैं। मोहर्रम के दिन वह बाजा देखने चली गयी थी। उसके पति ने इसी मामूली बात पर 10 नवम्बर को बुरी तरह मारा पीटा। 18 नवम्बर को तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया। बच्चों शमसेर आलम, कुलुसुम निशा, समीर आलम को भी घर से निकाल कर चनुकी पुल पर छोड़ दिया। उसकी बड़ी पुत्री मरियम अंजुम को घर में बन्द कर यातनाएं दे रहा है।
पुलिस ने पीड़िता जैनब निशा की तहरीर पर पति खुरशेद व ससुरालियों मोकिमा खातून, जैनुल आब्दीन, एनुलहक, शमसुन निशा तथा रूबी खातून पर मारपीट व मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम 2019 के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस सम्बन्ध में केस के विवेचक उपनिरीक्षक योगेन्द्र यादव ने कहा कि इस अपराध में तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है।
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30 जुलाई 2019 को देश में लागू हुआ नया कानून

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इस सम्बन्ध में अधिवक्ता सत्यदेव दूबे ने बताया कि ट्रिपल तलाक का नया कानून 26 जुलाई को लोकसभा में पास हुआ। 30 जुलाई 2019 को राज्यसभा में बहुमत के आधार पर पास होने पर लागू हो गया है। तीन तलाक बिल में तीन तलाक देने पर किसी शख्स के खिलाफ 3 साल तक जेल की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही उस शख्स पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। ट्रिपल तलाक के मामले में जमानत के लिए मजिस्ट्रेट के पास जाना होगा। अगर किसी महिला को ट्रिपल तलाक दिया जाता है तो वह अपने पति से मुआवजे की मांग कर सकती है।

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