बंटी सिंह पागल नहीं,स्वच्छता के जूनून में घायल शिक्षक हैं

देवरिया। जूनून में आदमी जब किसी कार्य में ईमानदारी से उतर जाए तो लोग पागल ही कहते हैं। यह पागलपन प्यार के क्षेत्र में मजनू के मुकाम तक पहुंचा देता है। हम यहाँ एक सरस्वती सेवक के स्वच्छता के जूनून की बात कर रहे। जिले के लार कस्बा स्थित बौली वार्ड की सभासद रीमा सिंह के पति मनीष कुमार सिंह बन्टी की बात कर रहे। कस्बा के ईर्ष्यालु उन्हें पागल कहते हैं तो कहें। चौमुखा प्राथमिक स्कूल के इस शिक्षक ने कस्बा ही नहीं क्षेत्र में स्वच्छता की धूम मचाकर रख दिया है। गुरूजी की दैनिक दिनचर्या बन गयी है सार्वजनिक साफ़ सफाई का जूनून। गुरूजी सुबह 4 बजे जगते हैं। अपने नित्यक्रिया से निवृत्त हो मार्निग वाक् पर निकलते हैं। उसके बाद दो घण्टे का समय सड़क या अस्पताल, नगर पंचायत या पुलिस चौकी , नाली या नाबदान , थाना या कोई स्कूल हो गुरु जी सफाई में लग जाते हैं। गुरूजी सार्वजनिक शौचालयों की सफाई भी करते हैं। ख़ास बात यह कि यह मोदी ब्रांड फोटो खिचवाऊ स्वछता का स्वांग नहीं यह धरातल की हकीकत वाली सफाई है। लोग देखकर दांतो तले ऊँगली दबा लेते हैं। कल जब थाने प्रांगण में झाड़ू टोकरी लेकर उतरे तो एक सिपाही ने कहा-नया सफाई कर्मी हो क्या? गुरूजी उसकी बात को सुनकर मुस्कराये। आसपास के लोग सिपाही को समझाये कि यह कस्बा के जमींदार के बेटे हैं। पेशे से शिक्षक हैं। चौमुखा में पढ़ाते हैं। सफाई का जूनून सर पर सवार है तो तेरे थाने चले आये। अब सिपाही सर झुकाये, नजर चुराए वहा से खिसक गया। बन्टी मास्टर का यह जूनून उन्हें कहा तक पहुंचाएगा ये तो भविष्य के गर्त में है लेकिन नगर में उनकी चर्चा हर जुबान पर है। कुछ लोग बुरा भी मान रहे। कह रहे इतनी मेहनत स्कूली बच्चों के भविष्य सुधारने में लगाते तो बेहतर होता। कहने और ताना मारने वालों ने तो भगवान श्रीराम को नहीं छोड़े। ये तो बन्टी मास्टर हैं। वैसे चट्टी चौराहे की बतकुचनी से बेहतर है यह स्वच्छता का जूनून।