लार उपद्रव:13 नामजद 250 अज्ञात पर केस
देवरिया। जिले के लार में उपद्रव के मामले में 13 नामजद व 250 अज्ञात पर केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जो मौके से वीडियो ग्राफी करायी उससे उपद्रवी पहचान किये जा रहे हैं। पुलिस पर हमला करने वालों में ज्यादातर बसपा व भीमसेना के कार्यकर्ता हैं। पुलिस पड़ताल में यह बात सामने आई है कि एक बसपा नेता व पिपरा निवासी ने गॉव गॉव से लोंगो को बुलवाया था। उनका उद्देश्य पूर्व में हुई एक मारपीट की घटना में सम्मलित एक हिंदूवादी नेता और उनके बिरादरी के लोंगो पर हमला कर के बदला लेना था। मृतक रविंद्र तो एक बहाना था। उसकी लाश पर राजनीति हो रही थी। सामने पुलिस आ गयी और प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा पुलिस पर उतार दिया। गुरुवार शाम को शव रखकर सड़क जाम करने और रास्ता खाली कराने गयी पुलिस टीम पर हमला के बाद रात भर अफरा तफरी का माहौल रहा। पथराव में दो दरोगा व चार सिपाही घायल हुए हैं। आधी रात को दरोगा अमित पाण्डेय, दरोगा राकेश पाण्डेय, का0 धीरज, का0 शमसुल खान, का0 वैभव प्रताप सिंह, का0 जयहिंद राजभर का मुलाहिजा कराने के बाद 14 नामजद व 250 अज्ञात लोंगो पर केस दर्ज हुआ। दरोगा अमित पाण्डेय ने तहरीर दिया कि वे अपने साथ तीन दरोगा व कुछ सिपाहियों के साथ क्षेत्र में कानून व्यवस्था के मद्देनजर कस्बा में भ्र्मण कर रहे थे। पिपरा चौराहे पर हरिजन बस्ती के लोग एक दुर्घटना में घायल रविंद्र कुमार पुत्र सीताराम का शव बीच सड़क में रखकर मार्ग अवरुद्ध कर रहे थे। मना करने पर पथराव कर दिए। सरकारी गाडी का शीशा तोड़ दिए। सिपाहियों की रायफल लुटने का प्रयास किये। पुलिस को गाली गलौज करते मारपीट कर मौके से भगा दिए।
इस मामले में हरिजन बस्ती के रमाकांत भारती, सुदर्शन प्रसाद, राजकुमार, बन्टी, सतेंद्र, डाकटर, हृदयाशंकर, सुदामा, अमेरिका, सेतु कुमार, अभिषेक निगम जमसड़ा, अवनीश सिंह बौली, अमर नाथ चोरडीहा, पवन कुमार मटियरा जगदीश व 250 लोंगो पर केस दर्ज हुआ।
पुलिस ने आरोपितों पर धारा 147, 148, 188, 323, 336, 332, 353 ,341, 395, 427, 504, 7 क्रिमनल एक्ट व 3/4 सार्वजनिक सम्पति नुकसान अधिनियम में केस दर्ज की है।
शुक्रवार को रविंद्र का शव पोस्टमार्टम के बाद लार आया। उस समय भी पुलिस सतर्क थी। एसडीएम व सीओ लार में पर्याप्त फ़ोर्स के साथ थे। लार मठ कालेज पर पीएसी की टुकड़ी थी जिन्हें निर्देश दिया गया था कि एक सूचना पर तुरन्त पहुंचे। खुखुंदू, सलेमपुर की पुलिस भी लार में थी। मईल पुलिस भागलपुर में अंत्येष्ठि स्थल पर थी। पुलिस को सकुशल और शांति पूर्वक अंत्येष्ठि कराने का लक्ष्य था जो पूरा हो चुका है। अब पुलिस जाम के समय के वीडियो से उपद्रवी लोंगो की पहचान कर रही है। हरिजन बस्ती के अलावा जमसड़ा, मटियरा जगदीश, रामनगर, संजाव , कोहरा के कुछ दलित युवकों की भी पहचान हुई है जो पुलिस टीम पर हमला में सम्मलित रहे हैं। पुलिस अधिक से अधिक लोंगो को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी में है।