देवरिया में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान

देवरिया, 5 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर देवरिया जिले में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2025 तक ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों और उनके पीछे बैठने वाले यात्रियों (पिलियन राइडर्स) के बीच हेलमेट के उपयोग को अनिवार्य करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। जिला प्रशासन और पुलिस की अगुवाई में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बिना हेलमेट के पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन देने से मना किया जा रहा है। यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में लागू है, जिसमें देवरिया भी शामिल है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस अभियान को सड़क सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2023 में उत्तर प्रदेश में 44,534 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 23,652 लोगों की मृत्यु हुई, जो देश में सबसे अधिक है। इनमें से अधिकांश दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालक शामिल थे, जिनमें से कई ने हेलमेट नहीं पहना था। मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 129 के तहत दोपहिया वाहन चालकों और पिलियन राइडर्स के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है, और धारा 194D के तहत उल्लंघन पर जुर्माना और तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान है। देवरिया में इस अभियान को जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) लागू कर रही है। पुलिस, परिवहन, राजस्व, और जिला प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से इसकी निगरानी कर रहे हैं। परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा, “यह अभियान सजा नहीं, बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। हेलमेट पहनना जीवन की सबसे सस्ती बीमा पॉलिसी है।”

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देवरिया जिले के सभी 165 पेट्रोल पंपों पर इस अभियान को लागू किया गया है। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना हेलमेट वाले चालकों को ईंधन न दें। जिला आपूर्ति कार्यालय और तेल कंपनियों को इसकी निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर चेकिंग कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो कि कोई चालक नियम तोड़कर हेलमेट उधार लेकर ईंधन न ले सके। स्थानीय सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ने बताया कि जनवरी में भी देवरिया में इस नियम को लागू किया गया था, और अब इसे और सख्ती से लागू किया जा रहा है। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी इस अभियान को अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा, सूचना और जनसंपर्क विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है, जिसमें होर्डिंग्स, सोशल मीडिया, और स्थानीय रेडियो के माध्यम से लोगों को हेलमेट की अहमियत के बारे में बताया जा रहा है।

अभियान को लेकर देवरिया में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने इसे सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है, जबकि कुछ ने इसे असुविधाजनक करार दिया। एक स्थानीय निवासी रमेश यादव ने कहा, “हेलमेट पहनना जरूरी है, लेकिन गर्मी में इसे हर समय पहनना मुश्किल है। सरकार को पहले जागरूकता बढ़ानी चाहिए थी।” वहीं, एक अन्य निवासी प्रिया सिंह ने कहा, “यह अच्छा कदम है। मेरे भाई की एक दुर्घटना में जान बच गई थी क्योंकि उन्होंने हेलमेट पहना था।”

कुछ पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि शुरुआती दिनों में कुछ चालकों ने नियम तोड़ने की कोशिश की और बहस की, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद अनुपालन बढ़ रहा है। कुछ लोग केवल पेट्रोल लेने के लिए हेलमेट उधार लेते हैं और बाद में इसे उतार देते हैं, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पेट्रोल पंपों के आसपास गश्त बढ़ा दी है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान हेलमेट के उपयोग को आदत में बदल सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हेलमेट पहनने से दुर्घटना में सिर की चोटों की गंभीरता में भारी कमी आती है, जिससे कई जानें बचाई जा सकती हैं। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों को 50% तक कम करना है। देवरिया में यह अभियान न केवल हेलमेट के उपयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि सामुदायिक जिम्मेदारी को भी प्रोत्साहित करेगा। नागरिकों, पेट्रोल पंप संचालकों, और तेल कंपनियों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में पूर्ण सहयोग करें। यह याद रखना जरूरी है कि हेलमेट न पहनना उत्तर प्रदेश में एक दंडनीय अपराध है। मोटर व्हीकल एक्ट, 2019 के तहत बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना और तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन हो सकता है। चालक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने चालान की स्थिति जांच सकते हैं।

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