गुरुजी के नाम एक हंसी भरा दिन

हर साल 5 September को हम बड़े गर्व से कहते हैं – “Happy Teachers Day!” लेकिन असली परेशानी तो छात्र झेलते हैं। भाषण तैयार करो, कविता याद करो और कभी-कभी तो stage पर dance भी करना पड़ता है। यानी Teacher’s Day पर मेहनत छात्र करते हैं और तालियां शिक्षकों को मिलती हैं।

अब बात करें teachers की तो हर स्कूल में अलग-अलग तरह के types of teachers मिलते हैं। कोई इतने strict कि उनकी क्लास में छात्र सांस भी धीरे लेते हैं, वरना attendance कटने का डर। कुछ इतने friendly कि class पढ़ाई से ज्यादा comedy show लगती है। वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जिनकी पहचान सिर्फ एक शब्द से होती है – “कल तक assignment चाहिए!” और exam time वाले teacher तो कहते हैं – “Beta, paper tough nahi hoga”, लेकिन सवाल आते हैं जैसे NASA entrance exam हो।

Teachers Day Celebration का मतलब होता है students के लिए double tension। Monitor को speech देनी है, Hindi वाले सर के लिए कविता चाहिए, English mam के लिए song compulsory है और सबसे बड़ी टेंशन – gift क्या दें? अगर chocolate दें तो insult लगती है और अगर फूल दें तो लगता है birthday मनाया जा रहा है।

दूसरी तरफ teachers भी कम मज़ेदार नहीं होते। Teacher’s Day पर उनके चेहरे पर extra glow आ जाता है। कुछ genuine खुशी से मुस्कुराते हैं, तो कुछ कहते हैं – “Beta, पढ़ाई पर ध्यान दो, यह सब छोड़ो।” लेकिन अंदर से हर teacher यही सोचता है कि आज कम से कम students हमें marks और assignments के अलावा भी याद कर रहे हैं।

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आख़िरकार सच्चाई यही है कि teachers के बिना students वैसे ही हैं जैसे बिना internet का mobile phone। Teacher’s Day हमें याद दिलाता है कि जीवन के syllabus को पास कराने वाले असली gurus हमारे teachers ही होते हैं। इसलिए इस दिन चाहे speech भूल जाएं, dance गड़बड़ा जाए या gift perfect न मिले, लेकिन एक दिल से Thank You Teacher ज़रूर कहना चाहिए।

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