देवरिया : मॉल में धर्मांतरण और यौन शोषण का खुलासा: मालिक पर गंभीर आरोप, पुलिस जांच शुरू

देवरिया, 5 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शहर के दो प्रमुख मॉल्स, एस.एस. मॉल और ईजी मार्ट, में कथित तौर पर अवैध धर्मांतरण और यौन शोषण का रैकेट चल रहा था। एक हिंदू युवती, जो मॉल में काम करती थी, ने इस गंभीर मामले का खुलासा किया है। उसने मॉल मालिक उस्मान गनी, उनकी पत्नी तर्मुन्न, और साले गौहर अंसारी पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस खुलासे ने जिले में सनसनी मचा दी है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मॉल के ऊपरी हिस्से में दो कमरे बनाए गए हैं, जहां धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न का गंदा खेल चल रहा था। उसने आरोप लगाया कि मॉल मालिक और उनके रिश्तेदारों ने उसका यौन शोषण किया और इस दौरान अश्लील वीडियो बनाए गए। इन वीडियोज का इस्तेमाल उसे ब्लैकमेल करने के लिए किया गया, ताकि वह धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर हो। पीड़िता ने यह भी बताया कि मॉल में काम करने वाली अन्य हिंदू लड़कियों को भी बाहर से आने वाले व्यापारियों के पास भेजा जाता था, जहां उनके साथ गलत व्यवहार होता था। ब्लैकमेलिंग और दबाव के कारण उसने मॉल में काम छोड़ दिया और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई।

जांच में सामने आया कि मॉल मालिक का साला, गौहर अंसारी, पहले भी एक हिंदू लड़की को भगाने के मामले में जेल जा चुका है। पीड़िता ने दावा किया कि मॉल मालिक, उनकी पत्नी, और साले ने मिलकर संगठित तरीके से यह रैकेट चलाया। उसने यह भी आरोप लगाया कि मॉल में काम करने वाली लड़कियों को गुमराह किया जाता था और उन्हें लग्जरी जीवन का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला जाता था। पीड़िता के मुताबिक, उसे बार-बार कहा जाता था कि उनका धर्म सबसे अच्छा है, और धर्म बदलने से उसकी जिंदगी बेहतर हो जाएगी।

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पीड़िता की शिकायत के बाद देवरिया के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच का जिम्मा अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को सौंपा। एसपी ने कहा, “हमें मॉल के खिलाफ शिकायत मिली है, और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस ने मॉल पर छापेमारी शुरू कर दी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस मॉल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है ताकि पीड़िता के दावों की सत्यता की पुष्टि हो सके।

यह पहला मामला नहीं है जब उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण का मामला सामने आया हो। हाल ही में बलरामपुर, आगरा, अलीगढ़, बरेली, और वाराणसी में भी इसी तरह के मामले उजागर हुए हैं। बलरामपुर में छांगुर बाबा के गैंग ने बड़ी संख्या में अवैध धर्मांतरण कराए थे, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि देवरिया का यह मामला एक बड़े धार्मिक और शोषण नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता है।

इस खुलासे ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। कई हिंदू संगठनों ने मॉल के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह सिर्फ एक मॉल का मामला नहीं है, यह संगठित अपराध है। सरकार को इसे जड़ से खत्म करना होगा।” राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं ने इसे “लव जिहाद” का हिस्सा बताते हुए टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा है, जबकि विपक्ष ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता करार दिया है।

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इस मामले ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। पीड़िता ने दावा किया कि उसने पहले भी पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसे एसपी से संपर्क करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई हुई होती, तो शायद कई और लड़कियों को इस रैकेट का शिकार होने से बचाया जा सकता था। पुलिस ने मॉल मालिक, उनकी पत्नी, और साले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस रैकेट में अन्य लोग भी शामिल थे और क्या यह नेटवर्क अन्य शहरों तक फैला हुआ है।

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