डीएम,कप्तान को ठग कर जालसाज कराते पोस्टिंग, दो गिरफ्तार
लखनऊ। गोमतीनगर से एक ऐसे ठग गिरोह का खुलासा हुआ है जो डीएम, एसपी को ठग कर लोंगो की पोस्टिंग कराते और पैसे कमाते थे। गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार कर लिए गए हैं शेष की तलाश जारी है।
पिछले पांच साल से गोरखधंधा चला रहे जालसाज लखनऊ पुलिस व क्राइम ब्रांच के शिकंजे में आ गयी। मामला तब सामने आया जब जालसाजों ने मुख्यमंत्री का निजी सचिव विशेष कार्याधिकारी बताकर डीएम बांदा, गाजियाबाद के सहायक आयुक्त वाणिज्यकर के अलावा कई कप्तानों और अन्य अधिकारियों को फोन किए। उनके जिलों में ट्रांसफर-पोस्टिंग समेत अन्य गलत काम करवाने का दबाव बनाया। कई बेरोजगारों को सरकारी नौकरी के सपने दिखाकर उनसे ठगी भी की। पकड़े गए अभियुक्तों में मूलरूप से सुलतानपुर के अखंडनगर निवासी आलोक दुबे (22) और दुर्गेश प्रताप सिंह (34) हैैं। डीएम बांदा और गाजियाबाद सहायक आयुक्त वाणिज्यकर ने शक होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय में पिछले दिनों पूछताछ की। जांच में मामला गलत पाया गया। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से गौतमपल्ली थाने में तहरीर दी गई। मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा होने पर तुरंत ही पुलिस हकरत में आई। मुकदमा दर्ज कर आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए। सीओ क्राइम दीपक सिंह ने बताया कि जालसाजों के दो साथी आजमगढ़ निवासी संजय चतुर्वेदी और अयोध्या निवासी संतोष तिवारी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।