पाकिस्तानी हैकर्स ने राजस्थान की वेबसाइट हैक की: साइबर युद्ध की धमकी

जयपुर, 29 अप्रैल 2025: पाकिस्तानी हैकर्स ने राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट को निशाना बनाया, जिससे साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार सुबह वेबसाइट हैक होने के बाद होमपेज पर ‘पाकिस्तान साइबर फोर्स’ के नाम से भड़काऊ संदेश प्रदर्शित किए गए। हैकर्स ने लिखा, “पहलगाम कोई हमला नहीं था, यह एक आंतरिक साजिश थी… तुमने आग लगाई, अब पिघलने के लिए तैयार रहो। अगला हमला गोलियों से नहीं, टेक्नोलॉजी से होगा। कोई सीमा, कोई चेतावनी, कोई दया नहीं।” इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते साइबर युद्ध की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।

हैकर्स ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इसे ‘भारतीय सरकार द्वारा युद्ध भड़काने और धार्मिक विभाजन के लिए की गई झूठी साजिश’ करार दिया। संदेश में 2019 में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की गिरफ्तारी का भी उल्लेख था, जब उनका मिग-21 विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में नीचे गिराया गया था। इसके अलावा, हैकर्स ने हाल ही में शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी पोस्ट कीं, जिसकी सोशल मीडिया पर व्यापक निंदा हो रही है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग की आईटी विंग को सक्रिय कर दिया। वेबसाइट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, और इसे बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दिलावर ने कहा, “साइबर सुरक्षा एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है। हमलावर समूह की पहचान और डेटा नुकसान का आकलन करने के लिए जांच शुरू की गई है।” अभी तक किसी संवेदनशील डेटा लीक की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी विभागीय सिस्टम का व्यापक ऑडिट किया जा रहा है।

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यह घटना सोमवार रात को हुए साइबर हमलों की कड़ी में नवीनतम है, जिसमें स्थानीय स्वशासन विभाग (DLB) और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की वेबसाइटें भी हैक की गई थीं। इन वेबसाइटों को जल्दी ही बहाल कर लिया गया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि राजस्थान में 8 लाख से अधिक सरकारी वेब पेज और देशभर में 20 लाख से अधिक पेज साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सरकारी वेबसाइटों की सुरक्षा व्यवस्था में खामियां उजागर हो रही हैं। एक विशेषज्ञ ने कहा, “यह हमला भारत-पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक तनाव का हिस्सा है, जो अब साइबर स्पेस में फैल रहा है। सरकारी वेबसाइटों का नियमित ऑडिट और मजबूत डिजिटल सुरक्षा ढांचा जरूरी है।”

पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। हैकर्स के संदेशों में ‘पाकिस्तान साइबर फोर्स’ और ‘फैंटास्टिक टी क्लब’ जैसे नामों का इस्तेमाल हुआ, जो भारत के खिलाफ प्रचार और साइबर युद्ध की नई रणनीति को दर्शाता है। सरकार ने सभी विभागों को साइबर सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

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