गंगा नदी की बाढ़ से निपटने के लिए 23 बाढ़ चौकियाँ और 26 राहत केंद्र स्थापित

  • मीरजापुर के चुनार तहसील में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने 23 बाढ़ चौकियाँ, 26 राहत केंद्र और 17 पशु आश्रय केंद्र स्थापित किए।

मीरजापुर: गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ ने तहसील चुनार और मिर्जापुर जनपद के अन्य क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने और प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। चुनार तहसील में कुल 23 बाढ़ चौकियाँ, 26 राहत केंद्र और 17 पशु आश्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाढ़ राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन और विकास विभाग के कर्मचारियों को शिफ्टवार ड्यूटी दी गई है। तहसील मुख्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे हालात पर नज़र रख रहा है।

प्रशासन के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, चुनार तहसील के 177 गाँव प्रभावित हुए हैं। इनमें 28 गाँवों में आबादी, फसल और आवागमन सभी प्रभावित हुए हैं, 36 गाँवों में आबादी व आवागमन पर असर पड़ा है, जबकि 113 गाँवों में फसल और आवागमन को नुकसान पहुँचा है। बाढ़ से कई क्षेत्रों में आवागमन बाधित है। इसे देखते हुए प्रशासन ने ग्रामवार और घाटवार नौकाओं का संचालन शुरू किया है, जिनकी निगरानी के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रभावित परिवारों को समय-समय पर लंच पैकेट और राशन किट वितरित की जा रही हैं। राहत केंद्रों में ठहरे विस्थापित लोगों को भी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व टीम सर्वे कर रही है। सर्वे पूरा होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। उप जिलाधिकारी, चुनार ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राहत व बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

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