UPI का नया नियम: फ्रॉड रोकने की तैयारी, सुविधा पर सवाल

मुंबई, 22 मार्च 2025: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जो डिजिटल भुगतान की दुनिया को नई दिशा देगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि ऑटो-डेबिट फीचर से जुड़े UPI पुल ट्रांज़ैक्शन को बंद करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस बदलाव का असर लाखों यूज़र्स पर पड़ सकता है, खासकर उन पर जो नियमित बिल भुगतान या सब्सक्रिप्शन के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं।

NPCI के सूत्रों के अनुसार, यह कदम साइबर फ्रॉड और अनधिकृत ट्रांज़ैक्शन को रोकने के लिए उठाया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में UPI से जुड़े फ्रॉड के मामले बढ़े हैं, जिसमें ऑटो-डेबिट सुविधा का दुरुपयोग देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से यूज़र्स की सुरक्षा बढ़ेगी, लेकिन इससे उनकी सुविधा पर भी असर पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, जिन लोगों ने नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम, या बिजली बिल जैसे भुगतानों के लिए ऑटो-डेबिट सेट किया है, उन्हें अब हर बार मैन्युअल पेमेंट करना पड़ सकता है।

इसके अलावा, NPCI ने बैंकों और UPI ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe, और Paytm को निर्देश दिया है कि वे इनएक्टिव मोबाइल नंबरों को सिस्टम से हटाएं। 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले इस नियम के तहत हर सप्ताह ऐसे नंबरों की सूची जारी की जाएगी। इससे उन खातों को निशाना बनाया जाएगा जो लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुए, जिससे फर्जी ट्रांज़ैक्शन की आशंका कम होगी।

सरकार ने हाल ही में UPI ट्रांज़ैक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोत्साहन योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत छोटे व्यापारियों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल भुगतान करने वाले यूज़र्स को पुरस्कार मिल सकता है। 1500 करोड़ रुपये की इस योजना का लक्ष्य 2000 रुपये तक के लेनदेन को प्रोत्साहित करना है, जिससे अर्थव्यवस्था में नकदी का चलन कम हो और वित्तीय समावेशन बढ़े।

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हालांकि, इन बदलावों को लेकर यूज़र्स की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। मुंबई के एक व्यापारी रमेश शर्मा ने कहा, “ऑटो-डेबिट बंद होने से हमें हर महीने मैन्युअल पेमेंट करना होगा, जो समय बर्बाद करेगा। लेकिन अगर यह सुरक्षा के लिए है, तो ठीक है।” वहीं, दिल्ली की एक गृहिणी नेहा वर्मा ने कहा, “UPI ने हमारी जिंदगी आसान की थी, लेकिन अब फिर से पुराने तरीकों पर लौटना पड़ सकता है।”

NPCI ने स्पष्ट किया कि ये बदलाव चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे और यूज़र्स को पहले से सूचित किया जाएगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यूज़र्स अपने UPI खातों को नियमित रूप से जांचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत बैंक को दें।

यह बदलाव डिजिटल इंडिया के सपने को मजबूत करने की दिशा में एक कदम हो सकता है, लेकिन इसके साथ ही यूज़र्स की सुविधा और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी होगा। आने वाले दिनों में इसकी विस्तृत गाइडलाइंस जारी होने की उम्मीद है। तब तक, UPI यूज़र्स को सतर्क रहने और अपडेट्स पर नज़र रखने की सलाह दी जा रही है।

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