मेरठ मर्डर: एक दिल दहला देने वाली साजिश और क्रूर हत्या की कहानी

मेरठ, 22 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला द्वारा की गई क्रूर हत्या ने मानवीय रिश्तों और विश्वास की नींव को हिला दिया। यह मामला जितना भयावह है, उतना ही रहस्यमयी भी, जिसमें प्रेम, धोखा, और ठंडे दिमाग से रची गई साजिश की परतें एक-एक कर खुल रही हैं।

सौरभ राजपूत, जो लंदन के एक मॉल में काम करते थे, अपनी बेटी के छठे जन्मदिन और पत्नी मुस्कान के जन्मदिन के लिए 24 फरवरी को मेरठ लौटे थे। उनकी यह वापसी उनके लिए एक सरप्राइज थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। पुलिस जांच के अनुसार, मुस्कान ने नवंबर 2023 से ही अपने पति की हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी थी। 4 मार्च की रात को, मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं। जब वह बेहोश हो गए, तो मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल को बुलाया। दोनों ने मिलकर सौरभ की चाकू से हत्या कर दी—उनके सीने में कई बार चाकू मारा गया और फिर गला काट दिया गया।

इसके बाद जो हुआ, वह और भी भयानक था। सौरभ के शव को ठिकाने लगाने के लिए मुस्कान और साहिल ने उनके शरीर को 15 टुकड़ों में काटा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ का सिर काटा गया, हाथ कलाइयों से अलग किए गए, और पैरों को पीछे की ओर मोड़ा गया ताकि शव को एक नीले प्लास्टिक ड्रम में फिट किया जा सके। फिर इस ड्रम को सीमेंट से भरकर सील कर दिया गया।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद मुस्कान और साहिल ने न सिर्फ अपने अपराध को छिपाने की कोशिश की, बल्कि हिमाचल प्रदेश के मनाली और कसोल में छुट्टियां मनाने चले गए। 10 मार्च को दोनों होटल पूर्णिमा, कसोल में रुके। वहां उन्होंने होली खेली, साहिल का जन्मदिन मनाया, और बर्फबारी का लुत्फ उठाया। कैब ड्राइवर अजब सिंह, जो उन्हें लेकर गया था, ने बताया कि दोनों के व्यवहार से जरा भी नहीं लगा कि उन्होंने अभी-अभी एक भयानक अपराध किया है। साहिल हर शाम शराब पीता था, जबकि मुस्कान भी वापसी के दौरान नशे में दिखी।

17 मार्च को मेरठ लौटने के बाद भी उनकी साजिश जारी रही। घर के मालिक ने कमरा खाली करने को कहा था, और जब मजदूर ड्रम उठाने आए तो उसे भारी पाया। मुस्कान ने कहा कि इसमें कबाड़ है, लेकिन आखिरकार सच सामने आ गया।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि साहिल अंधविश्वासी था। मुस्कान ने उसकी इस कमजोरी का फायदा उठाया और साहिल की मृत मां के नाम से एक फर्जी स्नैपचैट आईडी बनाकर उसे हत्या के लिए उकसाया। साहिल के कमरे में डरावनी पेंटिंग्स और तांत्रिक चिह्न मिले, जिससे यह संदेह हुआ कि उसने सौरभ के सिर और हाथों के साथ कोई अनुष्ठान किया हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह हत्या तंत्र-मंत्र से नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग और आर्थिक कारणों से हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक सुनियोजित और निर्मम अपराध था, जिसमें मानसिक विकृति की झलक मिलती है।

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सौरभ की मां रेनू देवी ने बताया कि उनकी छह साल की पोती बार-बार कहती थी, “पापा ड्रम में हैं,” जिससे यह संकेत मिलता है कि बच्ची को भी इस भयावह घटना की जानकारी थी। सौरभ के परिवार का कहना है कि मुस्कान के माता-पिता को भी हत्या की जानकारी पहले से थी, हालांकि वे इसे नकारते हैं। मुस्कान के माता-पिता ने कहा कि उनकी बेटी समाज के लिए खतरा है और उसे सजा-ए-मौत दी जानी चाहिए।

मेरठ पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया है और दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि और सबूत जुटाए जा सकें। एसएसपी विपिन टाडा ने बताया कि यह एक जघन्य अपराध है, और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

मेरठ मर्डर केस ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ा, बल्कि समाज में रिश्तों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं। यह कहानी प्रेम के नाम पर धोखे, लालच, और क्रूरता की एक काली मिसाल है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और क्या इस जघन्य अपराध के दोषियों को सख्त सजा मिल पाएगी।

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