राजस्थान और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीच जल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, साझा समझौते पर हस्ताक्षर
- राजस्थान और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीच जल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, साझा समझौते पर हस्ताक्षर
- ऑस्ट्रेलिया इंडिया वाटर सेंटर के तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित
जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की वॉटर एम्बैसेडर कार्लिन मेवाल्ड की उपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया इंडिया वाटर सेंटर (AWIC) के तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर जलदाय मंत्री ने कहा कि पेयजल स्रोतों को दीर्घकालिक रूप से संरक्षित रखने के लिए उन्नत तकनीक और शोध को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने जल जीवन मिशन से हर घर जल की आपूर्ति को दीर्घकालिक और प्रभावी बनाने पर जोर दिया और जल प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी की महत्ता को रेखांकित किया।
राज्य सरकार और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीच समझौता
कार्यशाला के दौरान राजस्थान सरकार और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीच जल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और नवीन तकनीकों के आदान-प्रदान हेतु साझा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:
- जलाशयों में वाष्पीकरण की रोकथाम और सौर ऊर्जा से उनका संयोजन
- न्यूनतम लागत में पेयजल की कुशल आपूर्ति
- दूषित पेयजल के पुनर्चक्रण के लिए तकनीकी सहयोग
- भूजल पुनर्भरण के लिए वैज्ञानिक विधियों का उपयोग
- सामुदायिक भागीदारी से जल संरक्षण को बढ़ावा देना
जल प्रबंधन को लेकर रणनीतिक पहल
कार्यशाला में आरओ वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट, सतही जल और कृषि क्षेत्र में जल संसाधनों का कुशल उपयोग, जलदाय विभाग के अभियंताओं की क्षमता संवर्धन, पेयजल गुणवत्ता सुधार और दक्षिण राजस्थान में वर्षा जल संग्रहण तंत्र को विकसित करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा, चंबल नदी के कैचमेंट क्षेत्र में जल संरक्षण, वाटर पॉलिसी और गवर्नेंस फ्रेमवर्क के निर्माण पर भी चर्चा की गई।
इस कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) भास्कर ए. सावंत, जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक कमर उल जमान चौधरी, और एमएनआईटी के प्रोफेसर ए.बी. गुप्ता सहित कई विशेषज्ञों और अधिकारियों ने अपने विचार साझा किए।