योग शिविर के दूसरे दिन साधकों को बताए गए यम और नियम के भेद

 

अंजली श्रीवास्तव,मिर्ज़ापुर |तीन दिवसीय निशुल्क योग शिविर के दूसरे दिन पतंजलि युवा भारत व जिला योगासन खेल संघ की ओर से राजकीय औद्योगिक शिक्षण संस्थान गैपुरा छानबे में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत योग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को युवा भारत के राज्य महामंत्री योग गुरु योगी ज्वाला सिंह ने महर्षि पतंजलि के द्वारा बताए गए यम और नियम के भेद का वर्णन करते हुए कहा यम के अंतर्गत आने वाले सत्य अहिंसा अस्तेय ब्रह्मचर्य अपरिग्रह एवं नियम के अंतर्गत आने वाले शौच संतोष तपः स्वाध्याय एवं ईश्वरप्राणीधान के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति यम और नियम के इस भेद की सत्यता को स्वीकार कर खुद को हर तरीके की राग द्वेष द्वंद ईर्ष्या काम क्रोध लोभ मोह से मुक्त रखते हुए एवं आंतरिक तथा बाह्य शुद्धि के प्रभाव के कारण वेद एवं धर्म ग्रंथों का अध्ययन करते हुए ईश्वर में पूर्ण श्रद्धा रखते हुए खुद को ईश्वर का सेवक समझकर योग साधना के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते हुए अपने जीवन को ऊंचाइयों तक ले जाकर योग सेवा करते हुए लोक कल्याण कर सकते हैं।
इस अवसर पर योग गुरु ने शिविर के दूसरे दिन साधकों को भस्त्रिका कपालभाती अनुलोम विलोम उज्जाई भ्रामरी उद्गीथ प्राणायामो के साथ-साथ विभिन्न प्राणायाम एवं आसनों का का अभ्यास कराते हुए उससे होने वाले लाभ के बारे व्यापक रूप में बताया और साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि साधक को किन किन परिस्थितियों में आसन और प्राणायाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
इस अवसर पर सभी बच्चों के अंदर योग के प्रति एक अलग उत्साह देखकर लगा कि अब हमारी युवा पीढ़ी योग की तरफ अग्रसर हो रही है जिसका परिणाम आने वाले समय में व्यापक रूप में देखने को मिलेगा तथा हर एक घर योग एवं प्राणायाम आदि के अभ्यास से हर प्रकार के रोग एवं दोषों से मुक्त रहकर स्वस्थ एवं सुखमय जीवनयापन कर सकेगा।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य आलोक कुमार ने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं योग गुरु बाबा रामदेव जी ने योग की इस विद्या को जन जन तक पहुंचाकर जीरो बैलेंस में लोगों को पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं निरोग रहने का एक के साधन व माध्यम दिया है और अगर आज का मानव अंग्रेजी दवाओं से या हर प्रकार की नशा एवं व्यसन से मुक्त रहना चाहता है तो उसे अपने जीवन में योग को धारण करना होगा तभी उसके जीवन का विकास संभव है शिवम इसी के फलस्वरूप वह स्वस्थ व निरोग रह सकता है।
इस अवसर पर अनिल कुमार मौर्य ने कहा कि आज की नई पीढ़ी के अंदर योग की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा आने वाला समय योग का ही है।
इस अवसर पर तनु गुप्ता,प्रतिभा मौर्य,शिवम शुक्ला,शुभम,खुशी कुमारी,मधु,संगीता,तस्मिया निर्जला,नेहा,ललित के साथ साथ सरिता सिंह,सविता मौर्य,आशीष कुमार,मीना रॉय आदि शिक्षक शिक्षिकाओं ने निधि योग सत्र में हिस्सा लिया।

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