कोर्स : What to do after 12th

वे दिन लद गए जब छात्रों के पास 12वीं के बाद कोई खास विकल्प नहीं होते थे और वे इसी उधेड़-बुन में रहते कि 12वीं के बाद क्या कोर्स चुनें, किसमें करियर बनाएं। अब 12वीं के बाद विभिन्न कोर्सों और विकल्पों की अनेक लाइनें खुली हैं, जिनमें से छात्र अपनी पसंद और स्कोप के हिसाब से चुन सकते हैं।

यदि आप 12th Ke Baad Kya Karen इस समस्या को लेकर परेशान हैं तो निश्चिन्त हो जाइये क्योंकि इस लेख के माध्यम से हम आपको 12 वीं के बाद क्या करें इससे संबंधित कुछ जरूरी सूचनाएं देने जा रहें हैं जिनके माध्यम से आप 12वीं के बाद किसी भी कोर्स का चयन अपनी इच्छा अनुसार कर सकते हैं। What to do After 12th के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे लेख से अंत तक जुड़े रहिये।

  • सबसे पहले तो यह देखें कि आप जो कोर्स चुनने जा रहे हैं उसका क्या नफा-नुकसान और फायदा है। यानी भविष्य के लिहाज से वह कोर्स आपके लिए कितना फायदेमंद होगा, यह देखें।
  • 12वीं के बाद कोर्सेज़ को लेकर तरह-तरह के विज्ञापन और कैंपेन चलाए जाते हैं ताकि छात्रों को लुभाया जा सके। लेकिन छात्र उनके झांसे में न आएं और अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करके ही कोर्स चुनें।
  • कोर्स का चयन करते वक्त छात्र अपनी रुचि का भी ध्यान रखें। इंजीनियरिंग और आईटी की बढ़ती डिमांड को देखते हुए आप इसमें करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन अगर आपकी इन दोनों क्षेत्रों में रुचि नहीं है तो इन क्षेत्रों में जाने की गलती बिल्कुल भी न करें।
  • अपने दोस्तों या फिर अन्य छात्रों की देखा-देखी कोई कोर्स या जॉब न चुनें।जो भी कोर्स या संस्थान चुनें उसकी मान्यता, फैकल्टी और प्लेसमेंट परफॉर्मेंस की जानकारी जरूर करें। इससे आप ठगी का शिकार होने से बच जाएंगे।
विज्ञान के छात्रों के लिए इंजीनियरिंग एवं मेडिकल के अलावा अन्य कोर्स निम्न हैं-
1. नैनो टेक्नोलॉजी : 12वीं के बाद नैनो टेक्नोलॉजी में बीएससी या बीटेक और उसके बाद इसी सब्जेक्ट में एमएससी या एमटेक करके इस क्षेत्र में शानदार करियर बनाया जा सकता है।
2. स्पेस साइंस : इसमें 3 साल की बीएससी और 4 साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्सेज खासतौर पर इसरो और बेंगलुरु स्थित IISC में कराए जाते हैं।
3. रोबोटिक साइंस : रोबोटिक में एमई की डिग्री हासिल कर चुके स्टूडेंट्स को इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में रिसर्च वर्क की नौकरी मिल सकती है।
4. एस्ट्रो-फिजिक्स : 4 या 3 साल के बैचलर्स प्रोग्राम (बीएससी इन फिजिक्स) में एडमिशन ले सकते हैं। एस्ट्रोफिजिक्स में डॉक्टरेट करने के बाद स्टूडेंट्स इसरो जैसे रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में साइंटिस्ट बन सकते हैं।
5. डेयरी साइंस : 12वीं करने के बाद स्टूडेंट ऑल इंडिया बेसिस पर एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद 4 वर्षीय स्नातक डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। कुछ इंस्टीट्यूट डेयरी टेक्नोलॉजी में 2 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर करते हैं।
6. एनवायर्नमेंटल साइंस : इसके तहत इकोलॉजी, डिजास्टर मैनेजमेंट, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, पॉल्यूशन कंट्रोल जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। नौकरी की अच्छी संभावनाएं हैं।
7. माइक्रो-बायोलॉजी : बीएससी इन लाइफ साइंस या बीएससी इन माइक्रो-बायोलॉजी कोर्स कर सकते हैं।
8. वॉटर साइंस : यह जल की सतह से जुड़ा विज्ञान है। इसमें हाइड्रोमिटियोरोलॉजी, हाइड्रोजियोलॉजी, ड्रेनेज बेसिन मैनेजमेंट, वॉटर क्वालिटी मैनेजमेंट, हाइड्रोइंफॉर्मेटिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई करनी होती है।
कॉमर्स एवं आर्ट्स के लिए ही परंपरागत कोर्सस से हटकर कई ऐसे व्यावसायिक क्षेत्र हैं जिनमें प्रवेश लेने के बाद आप विज्ञान के छात्रों से बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
1. फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के फैशन, डिजाइन, रिटेल और मैनेजमेंट के ग्रेजुएट तथा पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस के लिए ऑनलाइन सिलेक्शन टेस्ट होता है। इस टेस्ट के द्वारा 1,680 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से फुटवियर डिजाइन एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट, लेदर गुड्स एंड एसेसरीज डिजाइन, फैशन डिजाइनिंग के ग्रेजुएट कोर्स में तथा एमबीए इन फैशन मर्केन्डाइजिंग एंड रिटेल मैनेजमेंट, एमबीए इन फुटवियर डिजाइन एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट, एम. डिजाइन के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश दिया जाता है।
2. कुछ होटल मैनेजमेंट संस्थान फूड प्रोडक्शन में सर्टिफिकेट कोर्स की सुविधा भी देते हैं। भारत सरकार के 12 खाद्य संस्थान भी इससे संबंधित कोर्स कराते हैं जिन्हें करने के बाद आप न केवल शेफ बल्कि होटल उद्योग से जुडे अन्य क्षेत्रों में भी करियर बना सकते हैं। होटल मैनेजमेंट एवं कैटरिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कई संस्थानों में दाखिले से पहले लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार भी लिया जाता है।
3. स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए कम से कम वाणिज्य विषय में स्नातक (अन्य विधा के छात्रों के लिए भी रोक नहीं है) होना चाहिए। यदि आपको वित्त, व्यापार, अर्थशास्त्र, कैपिटल मार्केट अकाउंट व इन्वेस्टमेंट आदि की अच्छी समझ है तो आप अपने करियर की शुरुआत किसी स्टॉक ब्रोकिंग फर्म से जुड़कर कर सकते हैं।
4. आर्ट्‌स विषय पढ़ने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स वैसे तो सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे रहते हैं, लेकिन इसके अतिरिक्त प्रोफेशनल तौर पर एमबीए, जर्नलिज्म, मार्केट एनालिसिस, टीचिंग, एंथ्रोपोलॉजी, ह्यूमन रिसोर्स, एमएसडब्लू आदि क्षेत्रों में भी काफी करियर के विकल्प मौजूद हैं।

 

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