राजस्थान में अचानक ऊँटो की मौत क्यों हो रही है?

  • पशुपालन विभाग के पास न दवाइया है न टिके
  • सांकड़ा क्षेत्र में अज्ञात बीमारी से 4 दिनों में 5 गर्भवती उटनिया व 6 ऊँटो की मौत

महेंद्र सिंह, जैसलमेर | सांकड़ा क्षेत्र में अज्ञात बीमारी पशुओं पर कहर बरपा रही है। उंटपालको का कहना है कि इस बीमारी के चपेट में आने से 3 से4 दिन तक ऊंट पागल हालत में रहते है। कुछ दिन बीमार रहने के बाद ऊँटो की मौत हो जाती है। इस बीमारी से ऊँटो को बचाने के लिए पशुपालकों द्वारा अथक प्रयास किये जा रहे है। लेकिन फिर भी इस बीमारी से पिछले 4 दिनों में 10 से अधिक ऊँट, उटनिया तथा उनके छोटे बच्चे काल का ग्रास बन गए।  वही पशुपालन विभाग के पास ऊँटो में फैलनी वाली बीमारी के कोई भी दवाई, इंजेक्शन आदि उपलब्ध नही है। सांकड़ा, मोडरडी आदि आस पास के क्षेत्रों में ऊँटो की मौत हुई है। लेकिन अभी तक इस अज्ञात बीमारी का नाम पता नही चल पाया है। प्राथमिक दृष्टि तथा लक्षणों से सर्रा रोग माना जा रहा है। लेकिन विभाग द्वारा इसकी पुष्टि नही की गई। इस अज्ञात बीमारी का विभाग द्वारा सेम्पल लिया गया है जिसे जोधपुर भेजा जाएगा फिर पता चलेगा कि कोनसी बीमारी है। पशुपालको न बताया कि पशु चिकित्सक ने सर्रा के लिए इंजेक्शन लिख कर दिया लेकिन वो चिकित्सालय में उपलब्ध भी नही है यहाँ तक कि निजी दवाइयों की दुकानों में भी यह इंजेक्शन उपलब्ध नही है। ऐसी हालत में अज्ञात बीमारी से ऊँटो को कैसे बचाये

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