युवा पीढ़ी 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे नहीं, अपितु मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाये

अभिजीत श्रीवास्तव, मीरजापुर | विंध्य योग सेवा धाम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पिछले कई वर्षों से 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में नहीं, अपितु नन्हे-नन्हे नौनिहालों व युवा पीढ़ियों के साथ मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में बच्चों के साथ मनाता है। जहां पर बच्चे अपने माता-पिता को तिलक लगाकर एवं उनका माल्यार्पण कर  मात-पिता की एक साथ आरती कर आज के दिन विशेष आशीर्वाद प्राप्त कर, जीवन को सही राह पर ले जाकर एवं नेक कार्य करते हुए जीवन को उन्नत एवं उत्कृष्ट बनाने के लिए माता-पिता के आशीर्वाद के साथ संकल्प लेते हुए कहा कि “हमें अपने भारत के संस्कृति, परंपरा तथा गौरव का ध्यान रखते हुए जीवन को जीना है, जीवन में कभी कोई ऐसा कार्य नहीं करना है जिससे हमारी संस्कृति सभ्यता को ठेस पहुंचे”।


इस अवसर पर विंध्य योग सेवा धाम चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक ने कहा कि “आज हमारी भारत के संस्कृति व सभ्यता के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है, जहाँ हम अपने बच्चों को संस्कारों से जोड़ने से वंचित होते जा रहे हैं, लोग 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाते हैं,  लेकिन हम सब अपनी संस्कृति व सभ्यता का पालन करते हुए,आज के युवा पीढ़ी के साथ इस दिन को मातृ-पितृ पूजन दिवस की रुप में मनाकर लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि अगर आज की युवा पीढ़ी इससे सीख ले तो कभी भी वह गलत मार्ग पर नहीं जा सकते। ऐसा सर्वज्ञात है की माता पिता इस धरती के भगवान है व माता-पिता के चरणों में चारों धाम है। अर्थात 14 फरवरी को हम अपने माता-पिता का पूजन कर उनके प्रति प्रेम व श्रद्धा का भाव रखते हुए जीवन को उन्नत एवं प्रकाशमय बनाना है

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इस अवसर पर प्रबंधक रतन कुमार जॉनसन ने कहा कि “यह एक नई मुहिम कि शुरुआत है अगर छोटे-छोटे बच्चों को बाल्यावस्था से ही इस तरीके के संस्कार दिए जाय तो हमारे बच्चे जीवन में बहुत कुछ बड़ा एवं सुंदर कर सकते हैं जो कि देश एवं राष्ट्रहित में होगा , कहते हैं युवा अगर चाहे तो भारत की तकदीर एवं तस्वीर दोनों को बदल सकता है”।

इस अवसर पर पहुँचे अतिथि ने कहा कि “आज देश के युवाओं को वेलेन्टाइन नही अपितु संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़कर उन्हें इस बात का आभास कराये की भारत भूमि पर एक से बढ़कर एक वीर योद्धा रहे हैं, जिन्हें अपना आदर्श मानकर अपनी जीवन को नया आयाम दे सकते हैं तथा वर्ष में एक दिन ऐसा भी हो जहाँ पर हम अपने माता-पिता की पूजा कर सके, हमारे लिए हमारे भगवान हमारे माता-पिता है अतः 14 फरवरी की इनका पूजन कर विशेष आशीष एवं आशीर्वाद की प्राप्ति करें”।



इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों के माता-पिता समय से कार्यक्रम में उपस्थित होकर बच्चों के इस सुंदर कार्यक्रम से अविभूत हुये। कार्यक्रम का संचालन मुख्य महिला केंद्रीय प्रभारी संगीता व्यास ने करते हुए आए हुए अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार किया।

इस अवसर पर जनपद के विभिन्न स्थानों से छोटे-छोटे नौनिहालों के साथ उनके माता-पिता के साथ साथ विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षिका उपस्थित रहे। रामायण प्रतियोगिता में  प्रतिज्ञा तिवारी प्रथम,विवेक पाल दितीय, प्रतीक्षा तिवारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया जिन्हें विद्या भूषण ने प्रमाण पत्र वितरित कर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य रुप से प्रवीण मौर्या, प्रीति,मुकेश, गीता, विप्रा, कविता,शिवांगी,राजलक्ष्मी, रिद्धि, सिद्धि, राज, विनायक, वेदांश, मोहित,अमन,ऋषभ आदि लोग उपस्थित रहे।


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