देवरिया में गली गली अवैध निजी अस्पताल व पैथालॉजी
देवरिया। प्रशासन लाख दावे करे लेकिन सच यह है कि देवरिया जनपद में भारी संख्या में अवैध अस्पताल और पैथलॉजी चल रहे हैं। प्रशासन शिकायत पर छापेमारी करता है , अस्पताल सील करता है। बाद में जाँच के नाम पर पैसे लेकर लीपा पोती कर दिया जाता है और अस्पताल फिर खोल दिये जाते हैं। कई निजी अस्पताल तो ऐसे भी चल रहे जिनके बोर्ड पर मशहूर डॉक्टरों के नाम होते हैं लेकिन अस्पताल के भीतर काम अयोग्य कर्मचारी ही करते हैं। प्रशासन ने शनिवार की आधी रात एक अस्पताल पर छापेमारी कर सील कर दिया। जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र के कोल्हुआ में काफी दिनों से अस्पताल संचालित है। जिसमें एक चिकित्सक द्वारा आपरेशन कर मनमाना पैसा लेने व जेनेरिक दवा के नाम पर मरीजों को महंगी दवा खरीदे जाने के लिए बाध्य किए जाने की शिकायत किसी ने शनिवार की आधी रात में उप जिलाधिकारी ओमप्रकाश बरनवाल से की। उसके बाद एसडीएम, सीओ कपिलमुनि सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सलेमपुर डा. अतुल कुमार ने पुलिस बल के साथ एक बजे रात में छापेमारी की। एसडीएम व पुलिस को देख तथा कथित चिकित्सक व कई कर्मचारी भाग गए। जांच के दौरान कोई चिकित्सक व जिम्मेदार अस्पताल में नहीं मिला। इस दौरान चार मरीज अस्पताल में भर्ती थे। जिनको चिकित्सा अधीक्षक डा. अतुल कुमार ने एम्बुलेंस मंगाकर जिला चिकित्सालय भेजवाया। इसमें तत्काल आपरेशन से हुए जच्चा बच्चा भी थे। इनकी स्थिति ठीक नहीं थी। पुलिस अस्पताल के कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन न होने व बगैर चिकित्सक के मरीजों को भर्ती किये जाने पर नर्सिंग होम को सील कर दिया गया।
अभी कुछ दिन पूर्व लार में सलेमपुर के एसडीएम ओम प्रकाश बरनवाल ने एक अस्पताल को सील किया था। कुछ ही दिन बाद अस्पताल का बोर्ड बदल कर फिर संचालित किया जा रहा। एसडीएम के सील को किसने तोड़ा और क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी प्रशासन को भी नहीं है।
यही हाल पैथलॉजी सेंटरों का है। जिले में ग्रामीण अंचल तक ऐसे पैथलॉजी चल रहे हैं जहां कोई डाक्टर नहीं बैठते। पैथलॉजी के कर्मचारी ही डॉक्टर के प्रिंटेड हस्ताक्षरित और मुहर लगे प्रपत्र पर रिपोर्ट चढ़ाकर मरीजों को दे देते हैं। स्वाश्थ्य विभाग समय समय पर ऐसे अवैध पैथलॉजी की जांच करे तो मरीजों का शोषण बन्द हो।