योगी राज: कार्रवाई की गाज, अफसर बने चपरासी व चौकीदार

लखनऊ। पहले की सरकारों में सिफारिश कारगर होती थी तो कर्मचारी प्रमोशन पाकर बहुत जल्द अधिकारी बन जाते थे। नियमों को धता बनाकर यूपी में अपर सूचना अधिकारी बने चार अफसर चौकीदार व चपरासी बना दिये गए हैं। योगी राज में अकर्मण्य अफसरों व कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। पुलिस विभाग में 50 से ऊपर आयु के इंस्पेक्टर , दरोगा घर भेजे जा रहे हैं। योगी राज में तीन साल की अवधि में 2100 से ज्यादा अफसरों व कर्मचारियों को विभिन्न मामलों में जेल भी भेजा गया है। शासन के नियुक्ति विभाग ने एक अप्रैल 2017 से अब तक 50 पीसीएस अफसरों पर कठोर दंडात्मक और 44 पर लघु दंडात्मक कार्रवाई की है। इसी तरह दो वर्षों में 480 दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सरकार ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के चार अपर जिला सूचना अधिकारियों को पदावनत कर उनके मूल पद पर वापस कर दिया है। इनमें से दो को चपरासी व चौकीदार पद पर पदावनत किया गया है। क्षेत्रीय प्रचार संगठन के तहत जिला सूचना कार्यालयों में कार्यरत रहे इन कर्मचारियों को तीन नवंबर 2014 को नियम विरुद्ध ढंग से प्रोन्नति दी गई थी। बाद में पदोन्नत होकर ये कर्मचारी अपर जिला सूचना अधिकारी के पद तक पहुंच गए थे। अपर जिला सूचना अधिकारी बरेली नरसिंह को पदावनत कर चपरासी, अपर जिला सूचना अधिकारी फिरोजाबाद दयाशंकर को पदावनत कर चौकीदार, अपर जिला सूचना अधिकारी मथुरा विनोद कुमार शर्मा को पदावनत कर सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक तथा अपर जिला सूचना अधिकारी भदोही (संत रविदासनगर) अनिल कुमार सिंह को पदावनत कर सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक के पद पर वापस कर दिया गया है। छह जनवरी को जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया। सभी चारों कर्मचारियों को मूल पद पर कार्यभार ग्रहण कर उसकी रिपोर्ट अविलंब मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इससे पहले प्रदेश सरकार ने एक उप जिलाधिकारी को तहसीलदार पद पर पदावनत कर दिया था।

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