शहीद के सम्मान में एक बार फिर युवा मोर्चा मैदान में उतरेगा
- शहीद के सम्मान में एक बार फिर युवा मोर्चा मैदान में
लार(देवरिया)। सरकारें बदलीं। सोच नहीं बदला। सभी राजनीतिक दलों का मोटो केवल जनता से वोट लेने भर का है। मंचों से सैनिकों की शहादत पर बातें बहुत होतीं हैं। धरातल पर सैनिक का सम्मान देखना हो तो लार आएं। असलियत देख आंखें खुल जाएंगी। लार के धवरिया निवासी एक शहीद सैनिक की प्रतिमा पिछले 17 वर्ष से अपने अनावरण की राह निहार रही। सत्रह वर्ष की अवधि में सूबे की सरकारें बदलती रहीं लेकिन किसी भी सरकार के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अथवा जिले का जिम्मेदार अधिकारी के मन मे उस सैनिक के प्रति सम्मान का भाव नहीं जगा। भाव अगर किसी के दिल दिमाग मे जगा तो उस माँ के ह्रदय में जगा जिसने अपनी कोख से उस लाल को पैदा किया था। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर शहीद की माँ चंपा देवी अपने बेटे की प्रतिमा के सामने तिरंगा लहराती है। बेटे की शहादत को नमन करती है। आज तक एक शहीद की प्रतिमा को जो प्रोटोकॉल मिलना चाहिए वह नहीं मिला। शहीद की प्रतिमा कपड़ों व प्लास्टिक में लपेट कर रस्सियों में जकड़ कर पिछले 17 सालों यूं ही पड़ी है।
लार कस्बे और आसपास के कुछ उत्साही युवा अक्सर शहीद संजय चौहान की प्रतिमा के अनावरण के लिए संघर्ष करते हैं। जब-जब इसके लिए धरना हुआ, प्रदर्शन हुआ, एसडीएम स्तर के अधिकारी मौके पर आए और झूठा आश्वासन देकर चले गए। लार के एक शिक्षक शिशिर राय ने तो सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री , राज्यपाल और प्रधानमंत्री तक गुहार लगाए। कहीं रिस्पांस नहीं मिला। एक संयोग ही कहा जायेगा कि देवरिया जिले के प्रभारी श्रीराम चौहान उसी समाज से आते हैं जिस समाज के शहीद संजय चौहान थे। उन्होंने भी कभी इस मामले में अपनी रुचि नहीं दिखलाई।
लार में युवा मोर्चा नाम की एक सामाजिक संस्था है। संस्था कई बार इसके लिए पहल कर चुकी है। एक बार फिर युवा मोर्चा ने लार के धवरिया मोड़ पर लगे शहीद संजय चौहान की मूर्ति के अनावरण के लिए मोर्चा खोल दिया है।
13 अप्रैल 2004 को लार नगर पंचायत के धवरिया निवासी संजय चौहान जम्मू कश्मीर के बारामुला में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद हो गए थे। शहीद की स्मृति में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सतवंती देवी ने धवरिया मोड़ पर शहीद संजय द्वार की स्थापना की। भव्य गेट के बगल में ही शहीद की प्रतिमा स्थापित की गई। स्थापना काल से आज तक शहीद की प्रतिमा का अनावरण नहीं हो सका। समय-समय पर युवा मोर्चा इसके लिये संघर्ष करता रहा। लार युवा मोर्चा के अध्यक्ष साहू विशाल कुमार गुप्ता, संरक्षक डॉ मनीष कुशवाहा, संयोजक प्रियेश नाथ त्रिपाठी, महासचिव आलिम लारी, शुभम गुप्ता, फहीम अनवर लारी, अविनाश पाण्डेय, अमर श्रीवास्तव, वसीम अहमद, राणा प्रताप सिंह, विक्रम त्रिपाठी, चंद्रशेखर कुशवाहा, फैसल लारी, संदीप कुमार, अरसलान, राजेश मोदनवाल, वेद प्रकाश मिश्रा, सज्जू लारी आदि ने एक बार फिर आंदोलन को गति देने की रणनीति बनाई है। युवा मोर्चा के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने कहा कि जिलाधिकारी देवरिया को ज्ञापन देकर एक बार फिर धरना दिया जाएगा।