अनोखी शादी : ना बैंड-ना बारात-ना दहेज सिर्फ सहरा, घुंघट और मास्क, बन गए हमसफर

  • मेहरा समाज की अनोखी पहल
  • एक रुपया नेक लेकर की शादी

जयपुर। कोरोना संक्रमण के चलते पूरा देश रुक सा गया है,इस संक्रमण के दौर में शादी समारोह के तौर तरीके भी बदल गए। जहां पहले बैंड बाजा,बारात और धूम धड़ाका होता था अब कोरोना के कारण सब कुछ बन्द हो गया। कोरोना के दौर में होने वाली शादियां अब सादगी का संदेश देती नजर आती है। महामारी के इस प्रकोप के बीच लोग चली आ रही कई सालों पुरानी परंपराओं को भी बदल दिया हैं। शादी समारोह में इसका सबसे बड़ा प्रकोप देखने को मिल रहा है। इसका नजारा कल पीपल पूर्णिमा के दिन जयपुर शहर के नाहरगढ़ किला के इलाके में हुई शादी समारोह में देखने को मिला। शादी में एक सराहनीय मुहिम छेड़ते हुए अनूठा नजारा देखने को मिला। इस शादी में दूल्हा बना झोटवाड़ा निवासी लोकेश मेहरा की शादी नाहरगढ़ निवासी नीलू मेहरा के संग तय हुई। शादी में दूल्हे संग केवल 5 बारातियों के साथ नाहरगढ़ पहुंचकर वर पक्ष वधू को ले गया। इस शादी में जहां दूल्हा और दुल्हन बकायदा मास्क लगाए हुए नजर आ रहे है। पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुरूप सात फेरे लेकर शादी की। परिवार और रिश्तेदारों ने घर पर ही रह कर वीडियो कॉलिंग से शादी देखी और वर वधु को आशीर्वाद दिया। बारात के पांच लोगों के पहुंचने पर वधु पक्ष के लोगो ने सभी को सेन्टाइज करने के बाद ही घर में प्रवेश दिया। शादी में दूल्हा दुल्हन और उनके माता-पिता और पंडित ने पहले मास्क लगाया और इसके बाद ही फेरे करवाये। खास बात यह भी रही यहां वर-वधू को सात वचन के बाद आठवां वचन बारातियों को लॉकडाउन का निष्ठा पूर्वक पालन करने वह हमेशा मास्क लगाकर नियमों का पालन करने का संकल्प दिलवाया। मेहरा परिवार द्वारा एक मिसाल पेश करते हुए वर पक्ष से पूरे विवाह में दहेज रूप में केवल 1 रुपया लेकर समाज में बढ़ रही कुप्रथा को ठेंगा दिखाया।

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