शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
- अपनों की अंतिम विदाई के वक्त आंखें नम होना स्वाभाविक है, लेकिन मंगलवार को जयपुर में अलग नजारा दिखा। कर्नल आशुतोष की पत्नी पल्लवी के चेहरे पर मुखाग्नि देते वक्त उदासी नहीं, मुस्कुराहट थी। जो पति पर गर्व को बयां करती है।
जयपुर | जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा को सम्मान के साथ मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्हें पत्नी पल्लवी और बड़े भाई पीयूष ने मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देते समय पत्नी के चेहरे पर गर्व की मुस्कान थी। इससे पहले कर्नल आशुतोष को मिलिट्री स्टेशन में श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर भी पहुंचे।
सेना के जवानों ने बैंड वादन एवं शस्त्र उल्टा करके दिया शहीद को सैन्य सम्मान। इस दौरान शहीद की पत्नी पल्लवी, मां सहित परिजनों ने आंसू नहीं बहाए और उनकी शहादत पर गर्व करते हुए उन्हें सलाम किया। रास्ते में सड़क किनारे खड़े लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पुष्प वर्षा कर शहीद को सलाम किया। लोगों ने कर्नल आशुतोष अमर रहे, जय जवान जय किसान एवं पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।
शहीद आशुतोष के बड़े भाई पीयूष शर्मा ने कहा कि मेरा छोटा भाई देश के लिए शहीद हुआ‚ यह गर्व की बात है। वह एक जांबाज अफसर थे और देशभक्ति और वीरता उनकी रग–रग में थी। उन्होंने कहा कि उन्हें आशुतोष ने कहा था कि जिस दिन ऑपरेशन पूरा हो जाएगा। उसके अगले दिन फ्लाइट पकड़कर घर आ जाऊंगा। हमारा गांव बुलंदशहर में है। माताजी बुजुर्ग हैं‚ आशुतोष की बच्ची तमन्ना भी छोटी है। ऐसे में कोरोना महामारी की वजह से जयपुर से करीब साढ़े चार सौ किलोमीटर दूर बुलंदशहर जिले के गांव परवाना जाकर अंतिम संस्कार नहीं कर सकते। ऐसे में अब अंतिम संस्कार यहीं करना पड़ा।