मोरारी बापू की कथा में पार्क का किराया बाकी

गोरखपुर। चम्पा देवी पार्क में प्रख्यात कथावाचक मोरारी बापू की कथा सम्पन्न हो गयी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर बडी बड़ी हस्तियां कथा में उपस्थित हुईं। सबकुछ बढ़िया निबटा लेकिन पार्क का किराया देने की किसी को सुधि नहीं रही। जीडीए ने जब पार्क से शामियाना और कुर्सियों को ले जाने से रोक दिया तो आयोजक जागे और भुगतान किया गया।गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए जीडीए 50 हजार रुपये सिक्योरिटी फीस जमा कराता है। साथ ही रोजाना के किराये के तौर पर 30 हजार रुपये अलग से जमा कराए जाते हैं। इसी पार्क में 5 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2019 तक मोरारी बापू की रामकथा कराई गई। रामकथा के आयोजन समिति में गोरखनाथ मंदिर और श्री रामकथा प्रेम यज्ञ समिति की महत्वपूर्ण भूमिका थी। मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा हो गई लेकिन किराये का भुगतान नहीं किया गया। प्राधिकरण के मुताबिक समिति ने कथा के शुभारंभ में न तो सिक्योरिटी की रकम जमा की और न ही किराया दिया। कथा समापन के बाद समान भी समेटा जाने लगा। कथा समाप्त होने के तीन दिन बाद बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे तक जब किराया नहीं जमा हुआ तो जीडीए उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार के निर्देश पर जीडीए अफसरों ने चंपा देवी पार्क पहुंचकर कथा में लगी कुर्सियों व शामियाने आदि को ले जाने से रोक लिया। जीडीए अफसरों के मुताबिक इसकी सूचना जब आयोजन समिति को पहुंची तो आनन-फानन में देर शाम 6:30 बजे के करीब किराये के तौर पर 3.18 लाख रुपये जमा करा दिए। इस सम्बन्ध में आयोजन समिति के अखिलेश खेमका ने कहा कि पार्क में रामकथा कराने का जो भी किराया बना था, उसे अलग से रखवा दिया गया। इसे जमा कराने में देरी हुई है। किराया भुगतान हर हाल में किया जाना था। रामकथा का आयोजन भव्य था। किराया इतना ज्यादा नहीं था कि जमा न किया जा सके।

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