कविता – धनत्रयोदशी

तीज तेरस अनूठे शुभ मुहूर्त ये, नव निधि और सौभाग्य लाएं,
आरोग्यता और सुख समृद्धि, जीवन में “आनंद” को बढाएं ।
धनत्रयोदशी तिथि को सभी, धनवंतरि का आशीर्वाद पाएं,
स्वस्थ तन-मन संग अक्षय धन, का ये संयोग खुशियॉं बरसाएं ।
कर आराधना यक्षराज कुबेर की, अपने भाग्य को स्वयं चमकाएं,
धन-धान्य का हो शुभ आगमन, श्रद्धा प्रेम भाव से कीर्तन गाएं ।
गृह क्लेश मनमुटाव से दूर रहें, परिवार संग सदा हॅंसे मुस्काएं,
बहुत चंचल है माता महालक्ष्मी, प्रेम सौहार्द शांति आप बनाएं ।
सुखों का करें हम आदान-प्रदान, फूल खुशियों के मिलकर खिलाएं,
ऊॅंच-नीच की बेतूकी लकीरों को, चलो चुपचाप आज हम मिटाएं ।
प्रसन्नता का संगीत हो बिखरा, त्योहारों की जगमग रौनक बढाएं,
सेतू बनकर गरीब परिवारों तक, नयी खुशियॉं धीरे से पहुंचाएं ।
कुछ खुशियों को सहर्ष बांटे, भीतर आत्मिक चमक जगाएं,
धन के प्रवाह को प्रेम रंग में रंग, करोड़ों दिलों में जगह बनाएं ।
व्यवसाय की हो चौगुनी प्रगति, थोड़ा अवश्य दान धर्म अपनाएं,
संस्कारों का रखें सदा मान भी, और खुशी-खुशी नाचें गाएं ।
निज संस्कृति पर करें गर्व, व्यहवार को हमेशा मृदु बनाएं,
स्वार्थ की सवारी को त्याग, सूरज सा उजाला सर्वत्र फैलाएं ।
महत्ता उत्सवों की है अलग, जाने समझे व अपनी रूचि बढ़ाएं,
भक्ति और भाव का हो संगम, अनगिनत दुआएं जीवन में कमाएं ।
  मोनिका डागा “आनंद” , चेन्नई, तमिलनाडु

About Author

Leave a Reply



🐄 गौ सेवा, प्रभु सेवा 🐄
जय श्री कृष्ण! जय गौमाता! 🙏

साथियों,
VMW TEAM FOUNDATION का यह अटूट संकल्प है कि हर महीने के अंतिम रविवार को हम अपनी गौमाताओं की सेवा के लिए एकत्रित हों। इसी कड़ी में, इस रविवार को हम गौशाला में हरे चारे की विशेष व्यवस्था कर रहे हैं।
गाय हमारी संस्कृति और आस्था का केंद्र है। उनकी सेवा से मिलने वाला संतोष और पुण्य अतुलनीय है।
🚩हम आप सभी धर्मप्रेमियों से तन, मन और धन से सहयोग की अपील करते हैं। आप अपनी सामर्थ्य अनुसार इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें*

आइए, मिलकर पुण्य के इस कार्य को सफल बनाएं।

You may have missed

error: Content is protected !!