राज्यपाल का छात्राओं को सख्त संदेश: लिव-इन रिलेशन छोड़िए, शोषण से बचें

  • The Newswala विशेष: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वाराणसी में छात्राओं को लिव-इन रिलेशनशिप पर कड़ा चेतावनी दी। जागरूकता और सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे रिश्ते महिलाओं के लिए खतरा बन सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें।

वाराणसी, 8 अक्टूबर 2025 (The Newswala ब्यूरो): उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47वें दीक्षांत समारोह में छात्राओं को लिव-इन रिलेशनशिप से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने एक कड़वी सच्चाई का जिक्र करते हुए कहा, “लिव-इन रिलेशन में पुरुष आम की तरह मीठा हिस्सा लेते हैं, लेकिन गुठली यानी जिम्मेदारी छोड़ जाते हैं।” राज्यपाल ने छात्राओं को शोषण से बचने के लिए सतर्क रहने का आह्वान किया, ताकि वे अपने जीवन को बेहतर लक्ष्यों के लिए समर्पित कर सकें।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं। यहां 15,878 स्नातक और 3,682 स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। समारोह में छात्राओं का प्रदर्शन सराहनीय रहा। राज्यपाल ने मंच पर छात्राओं को मेडल और उपाधि देकर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने नवाचार और अनुसंधान पर जोर देते हुए युवाओं को प्रेरित किया। लेकिन खास तौर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप के खतरों पर खुलकर बोला। उन्होंने कहा, “अभी लिव-इन रिलेशन का चलन बढ़ रहा है। लेकिन सावधान रहिए, यह सिर्फ शोषण का माध्यम बन जाता है। मैंने खुद 80 ऐसी लड़कियों से मुलाकात की हैं, जिन्हें उनके साथियों ने छोड़ दिया। कुछ के पास 1 साल का बच्चा था, तो कुछ के पास महज 2 महीने का। पहले लिव-इन में रहीं, फिर साथी ने जिम्मेदारी छोड़ दी।”

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राज्यपाल ने अपनी बात को एक लोकप्रिय कहावत से जोड़ते हुए कहा, “पुरुष आम खाते हैं, लेकिन गुठली छोड़ जाते हैं।” यह तुलना सुनते ही सभागार में सन्नाटा छा गया। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि लुभावने झांसे में न आएं और अपने करियर व आत्मसम्मान को प्राथमिकता दें। राज्यपाल का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां युवा वर्ग इसे महिलाओं की सुरक्षा के संदर्भ में देख रहा है।

भारत में लिव-इन रिलेशनशिप कानूनी रूप से वैध है, लेकिन यह शादी जैसी सुरक्षा नहीं देता। सुप्रीम कोर्ट ने कई फैसलों में लिव-इन पार्टनर को कुछ अधिकार दिए हैं, जैसे गुजारा भत्ता और संपत्ति में हिस्सा, लेकिन सामाजिक स्वीकार्यता और स्थायित्व की कमी रहती है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी कहा है कि लिव-इन में महिलाओं को शोषण का खतरा अधिक होता है। हाल के वर्षों में कई मामले सामने आए हैं, जहां महिलाओं को धोखा देकर छोड़ दिया गया।

राज्यपाल का बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह युवा पीढ़ी को जागरूक करने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सलाहें महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद करेंगी।

इससे पहले मंगलवार को जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में भी राज्यपाल ने इसी मुद्दे पर बात की थी। वहां उन्होंने छात्राओं से कहा था कि जीवन के बेहतर लक्ष्यों के लिए समर्पित रहें और झूठे वादों के जाल में न फंसें।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का यह संदेश न केवल छात्राओं के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। The Newswala ऐसी खबरों के जरिए समाज को सजग बनाए रखने का प्रयास करता रहेगा।

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