ऑपरेशन सिंदूर: 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक प्रहार

नई दिल्ली, 7 मई 2025: भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को साबित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 प्रमुख आतंकी ट्रेनिंग सेंटर और लॉन्चपैड को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह सटीक और शक्तिशाली कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले का जवाब है, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली पर्यटक की नृशंस हत्या की गई थी। इस हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया था, और भारत ने आतंकियों को उनके अड्डों पर सबक सिखाने का संकल्प लिया था।

4 मई 2025 को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को धर्म पूछकर निशाना बनाया और कई नवविवाहित जोड़ों सहित 26 लोगों की हत्या कर दी। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन ने संयुक्त रूप से ली थी। भारत ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की घोषणा की और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नामकरण कर इसे पीड़ित परिवारों के दर्द और आतंकियों को कड़ा संदेश देने की भावना से जोड़ा।

6 मई 2025 की मध्यरात्रि को भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में निम्नलिखित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट किया गया:

  1. जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर मरकज सुब्हान अल्लाह (बहावलपुर): जैश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र, जहां सैकड़ों आतंकी भारत के खिलाफ साजिश रच रहे थे। भारतीय वायु सेना के मिराज-2000 जेट्स ने इसे राख में मिला दिया।

  2. हिजबुल मुजाहिदीन का ट्रेनिंग कैंप मारकज रहील शहीद (कोटली, PoK): कश्मीर में घुसपैठ के लिए आतंकियों को प्रशिक्षित करने वाला यह कैंप ड्रोन और ग्राउंड ऑपरेशन से ध्वस्त किया गया।

  3. लश्कर-ए-तैयबा का लॉन्चपैड (मुरीदके): हाफिज सईद द्वारा संचालित इस कैंप को भारतीय मिसाइल हमलों ने तबाह कर दिया।

  4. मरकज सैयदना बिलाल (मुजफ्फराबाद, PoK): ओसामा बिन लादेन से जुड़े फंडिंग नेटवर्क द्वारा संचालित इस कैंप को भारतीय कमांडोज ने रात के अंधेरे में नष्ट किया।

  5. लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर (सियालकोट): भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने वाला यह केंद्र हवाई और जमीनी हमलों से खत्म किया गया।

  6. जैश का गोला-बारूद डिपो (मीरपुर, PoK): भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जमा करने वाला यह डिपो भारतीय सेना के हमलों में नष्ट हुआ।

  7. हिजबुल का भर्ती केंद्र (भिम्बर, PoK): युवाओं को आतंकवाद के लिए भर्ती करने वाला यह केंद्र ड्रोन हमलों से खाक में मिल गया।

  8. लश्कर का संचार केंद्र (गुजरांवाला): आतंकी गतिविधियों के लिए संचार का प्रमुख अड्डा, जिसे साइबर और फिजिकल हमलों से ध्वस्त किया गया।

  9. जैश का प्रशिक्षण शिविर (रावलपिंडी): भारत के खिलाफ साजिशों का केंद्र रहे इस शिविर को सटीक मिसाइल हमलों से नष्ट किया गया।

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सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 70 से अधिक आतंकी मारे गए और कई अन्य घायल हुए। भारतीय सेना ने सुनिश्चित किया कि यह कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित रहे और नागरिक क्षेत्रों को कोई नुकसान न पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास से इस ऑपरेशन की पल-पल की निगरानी की और सेना को पूर्ण समर्थन प्रदान किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और तीनों सेना प्रमुखों ने इस कार्रवाई को गोपनीय और प्रभावी ढंग से अंजाम दिया। भारतीय सेना की विशेष टोही इकाइयों ने महीनों तक इन ठिकानों की सटीक जानकारी एकत्र की, जिसके आधार पर यह ऑपरेशन सफल हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में जनता ने सेना और सरकार की जमकर सराहना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारी सेना ने आतंकियों को उनके अड्डों पर जाकर जवाब दिया। यह भारत की ताकत का प्रतीक है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे पहलगाम के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी इस ऑपरेशन ने हलचल मचा दी। अमेरिका, इजरायल और रूस ने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का समर्थन किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “आतंकवाद वैश्विक चुनौती है, और भारत का यह कदम सराहनीय है।” वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे “भारत की आक्रामकता” करार दिया, लेकिन भारत ने दोहराया कि यह कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों पर केंद्रित थी, न कि पाकिस्तानी सेना या नागरिकों पर।

ऑपरेशन के बाद भारत ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया। पंजाब में अमृतसर का श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट अगले आदेश तक बंद है, और चंडीगढ़ से उड़ानें रद्द की गई हैं। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी और पुंछ में शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। सीमावर्ती गांवों में बीएसएफ ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

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सोशल मीडिया पर #OperationSindoor ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग इसे “आतंकवाद का अंत” और “भारत की जीत” जैसे संदेशों के साथ साझा कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा। जय हिंद!” पहलगाम हमले में अपने बेटे को खोने वाली मां सरोज देवी ने कहा, “मेरे बेटे का बलिदान व्यर्थ जिसमें 25 लोग मारे गए थे। मैं आज अपने देश की सेना पर गर्व महसूस कर रही हूं।”

ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति और उसकी सैन्य शक्ति का प्रबल प्रदर्शन है। यह ऑपरेशन न केवल पहलगाम हमले का बदला है, बल्कि विश्व को यह संदेश भी देता है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा, “हमने न्याय किया है। जय हिंद!”

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