ऑपरेशन सिंदूर: भारत का आतंक के खिलाफ करारा प्रहार
भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को एक बार फिर सशक्त रूप से प्रदर्शित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले का जवाब है, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली पर्यटक की नृशंस हत्या की गई थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, और भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकियों और उनके आकाओं को बख्शा नहीं जाएगा।
6 मई 2025 की मध्यरात्रि को भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। बहावलपुर, मुरिदके, सियालकोट और PoK के कई इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के मुख्यालय पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में 70 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की पल-पल की जानकारी ली और इसे अपने आवास से मॉनिटर किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ देर रात चर्चा कर स्थिति का जायजा लिया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की देखरेख में इस ऑपरेशन को गोपनीय और सटीक तरीके से अंजाम दिया गया।
पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाया था, जिसमें कई नवविवाहित जोड़ों की हत्या कर उनके परिवारों का सुहाग छीन लिया गया। ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ इसी भावना को दर्शाता है। यह नाम न केवल आतंकियों को कड़ा संदेश देता है, बल्कि उन परिवारों के दर्द को भी व्यक्त करता है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया। शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनते ही मैं रो पड़ी। मुझे विश्वास था कि प्रधानमंत्री मोदी जी बदला लेंगे।”
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में जनता ने इसे आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताते हुए सरकार और सेना की सराहना की। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत माता की जय! हमारी सेना ने आतंकियों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सेना को बधाई देते हुए इसे पहलगाम हमले का करारा जवाब बताया।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस ऑपरेशन ने हलचल मचाई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह भारत-पाकिस्तान की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे “चालाक दुश्मन की साजिश” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की बात कही। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन केवल आतंकी ठिकानों पर केंद्रित था, न कि पाकिस्तानी सेना पर।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। पंजाब में अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है, और चंडीगढ़ से उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी और पुंछ में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। सीमावर्ती गांवों में बीएसएफ ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोग इसे “पाकिस्तान को दिवाली मुबारक” जैसे संदेशों के साथ सेना की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “जब तक मारेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। जय हिंद!” ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के प्रति कठोर नीति और उसकी सैन्य ताकत का प्रतीक है। यह न केवल पहलगाम हमले का बदला है, बल्कि विश्व को यह संदेश भी देता है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। जैसा कि भारतीय सेना ने कहा, “न्याय हो गया, जय हिंद!”
-एम के पाण्डेय ‘निल्को’