सांवलिया सेठ के भंडार से फिर टूटा रिकॉर्ड: 25 करोड़ का चढ़ावा निकला

चित्तौड़गढ़, 2 मई 2025: राजस्थान के मशहूर श्री सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंदिर के दानपात्र से इस बार 25 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी निकली है, जो भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। इसके साथ ही भंडार से ढाई किलो सोना, करीब 188 किलो चांदी और कई देशों की विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त हुई हैं। यह चढ़ावा मंदिर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा दान माना जा रहा है।

मंदिर मंडल के अनुसार, भंडार की गणना छह चरणों में पूरी हुई। पहले चरण में 11 करोड़ 34 लाख 75 हजार रुपये, दूसरे में 3 करोड़ 60 लाख, तीसरे में 4 करोड़ 27 लाख 80 हजार, चौथे में 2 करोड़ 73 लाख 90 हजार, पांचवें में 3 करोड़ 51 लाख 29 हजार 500, और छठे चरण में 13 लाख 93 हजार 81 रुपये की नकदी निकली। कुल मिलाकर भंडार से 25 करोड़ 61 लाख 67 हजार 581 रुपये प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त, भेंट कक्ष और ऑनलाइन चढ़ावे से 9 करोड़ 30 लाख 27 हजार 427 रुपये मिले, जिससे कुल राशि 34 करोड़ 91 लाख 95 हजार 68 रुपये तक पहुंच गई।

इस बार भंडार से 2 किलो 290 ग्राम सोना और 58 किलो 900 ग्राम चांदी प्राप्त हुई, जबकि भेंट कक्ष से 504 ग्राम 560 मिलीग्राम सोना और 128 किलो 930 ग्राम चांदी मिली। कुल मिलाकर 2 किलो 794 ग्राम 560 मिलीग्राम सोना और 187 किलो 830 ग्राम चांदी भक्तों ने चढ़ाई। इसके अलावा, 20 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी निकली, जिसमें अमेरिकी डॉलर, पाउंड, यूएई दिरहम, और फ्रांस की मुद्रा शामिल हैं।

यह भी देखें  प्राथमिक विद्यालय के ताले तोड़कर हजारों रुपये कीमत का माल चोरी

चित्तौड़गढ़ के मंडफिया में स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर, जिसे कृष्ण धाम के रूप में जाना जाता है, वैष्णव संप्रदाय के लिए श्री नाथद्वारा के बाद दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है। मान्यता है कि 1840 में भोलाराम गुर्जर को स्वप्न में भगवान कृष्ण की तीन मूर्तियों का दर्शन हुआ था, जिन्हें मंडफिया, भादसोड़ा, और बागुंड में स्थापित किया गया। मंदिर में हर साल करीब एक करोड़ भक्त दर्शन के लिए आते हैं, और व्यापारी सांवलिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर मानकर चढ़ावा चढ़ाते हैं।

मंदिर मंडल दान की राशि को मंदिर प्रबंधन, मंडफिया के विकास, और भक्तों की सुविधाओं जैसे मुफ्त भोजन और गौशाला संचालन में खर्च करता है। गणना के दौरान 125 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, और सीसीटीवी कैमरों के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। नकदी को बोरों में भरकर सुरक्षित कोषागार में रखा गया है।

इस रिकॉर्ड चढ़ावे की खबर ने भक्तों में उत्साह भर दिया है। सोशल मीडिया पर #SanwaliyaSeth ट्रेंड कर रहा है, और भक्त इसे भगवान की कृपा मान रहे हैं। हालांकि, कुछ सियासी हलकों में इस विशाल दान को लेकर चर्चा है कि क्या यह धन क्षेत्र के विकास में और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल हो सकता है। फिर भी, सांवलिया सेठ की महिमा और भक्तों की श्रद्धा निर्विवाद है।

सांवलिया सेठ मंदिर का यह रिकॉर्ड चढ़ावा न केवल भक्तों की अटूट आस्था को दर्शाता है, बल्कि मंदिर की वैश्विक पहचान को भी रेखांकित करता है। 25 करोड़ से अधिक की नकदी, सोना-चांदी, और विदेशी मुद्राओं के साथ सांवलिया सेठ का खजाना एक बार फिर सुर्खियों में है। भक्तों का मानना है कि सांवलिया सेठ को चढ़ाया गया दान कई गुना लौटकर आता है, और यही आस्था इस मंदिर को सेठों का सेठ बनाती है।

यह भी देखें  स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाया जायेगा

About Author

Leave a Reply

error: Content is protected !!