1 अप्रैल से लागू हो रहा बजट, 6 बड़े बदलाव
नई दिल्ली: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2025 से केंद्र सरकार का नया बजट लागू होने जा रहा है, जो आम जनता और खासकर नौकरीपेशा लोगों के लिए कई राहत लेकर आ रहा है। इस बजट में 6 बड़े बदलावों की घोषणा की गई है, जिनमें टैक्स स्लैब में व्यापक संशोधन सबसे अहम है। सरकार के इस कदम से नौकरीपेशा लोगों को सालाना 75,000 रुपये तक की अतिरिक्त बचत होने की उम्मीद है।
नए बजट में इनकम टैक्स स्लैब को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि मध्यम वर्ग को अधिक फायदा मिले। सूत्रों के मुताबिक, 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि 5 से 10 लाख रुपये की आय पर टैक्स दर को 20% से घटाकर 15% करने का प्रस्ताव है। इससे करदाताओं की जेब में हर साल बड़ी रकम बचेगी।
वेतनभोगी वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को भी बढ़ाया जा रहा है। अब तक 50,000 रुपये की छूट मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 75,000 रुपये करने की योजना है। इसके अलावा, होम लोन के ब्याज पर छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने का ऐलान किया गया है। ये कदम नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होंगे।
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर टैक्स छूट की सीमा को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये, इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट, बच्चों की पढ़ाई पर टैक्स छूट को 10,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये और छोटे कारोबारियों के लिए टैक्स ऑडिट की सीमा को 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने जैसे बदलाव भी शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों से प्रोत्साहन से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स में राहत से लोग अधिक खर्च करेंगे, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। नया बजट 1 अप्रैल से प्रभावी होगा और इसके तहत कई अन्य योजनाओं की भी घोषणा की जा सकती है। सरकार का दावा है कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।