सांसद हनुमान बेनीवाल को जयपुर पुलिस ने हिरासत में लिया

जयपुर, 2 मई 2025: राजस्थान के नागौर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल को शुक्रवार को जयपुर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बेनीवाल अपनी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शहीद स्मारक से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे थे, जब पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में लिया। यह आंदोलन 2021 की सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले को रद्द करने और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पुनर्गठन की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

हनुमान बेनीवाल पिछले सात दिनों से जयपुर के शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरने का नेतृत्व कर रहे थे। उनकी मांग थी कि SI भर्ती 2021 की परीक्षा, जिसमें पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप हैं, को रद्द किया जाए। इसके साथ ही, 2021 की रीट परीक्षा के पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच और RPSC में सुधार की मांग भी शामिल थी। शुक्रवार को बेनीवाल ने धरने को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आवास की ओर मार्च शुरू किया।

जयपुर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। जैसे ही बेनीवाल और उनके समर्थक शहीद स्मारक से आगे बढ़े, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक लिया। हल्के बल प्रयोग के बाद बेनीवाल समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें सांगानेर सदर पुलिस थाने ले जाया गया।

हिरासत में लिए जाने के बाद बेनीवाल ने सांगानेर सदर पुलिस थाने में ही धरना शुरू कर दिया। उनके समर्थकों ने थाने के बाहर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बेनीवाल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, “यह सरकार युवाओं के हितों को कुचल रही है। हमारी मांगें जायज हैं, और हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक SI भर्ती रद्द नहीं होती।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार और RPSC भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं।

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RLP कार्यकर्ताओं ने जेल भरो आंदोलन की शुरुआत की, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी। सोशल मीडिया पर #SI_भर्ती_2021_रद्द_करो ट्रेंड करने लगा, और बेनीवाल के समर्थकों ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए एक लाख युवाओं के साथ जयपुर में रैली निकालने की घोषणा की।

बेनीवाल की हिरासत ने राजस्थान की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों ने इस कार्रवाई को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया है। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, “सांसद को हिरासत में लेना सरकार की बौखलाहट दिखाता है। युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।” दूसरी ओर, बीजेपी सरकार ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार बेनीवाल के आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठा रही है, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी से युवाओं में आक्रोश बढ़ सकता है। बेनीवाल की सुरक्षा को लेकर पहले से ही खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था, और उनके जयपुर व नागौर आवास पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई थी।

हनुमान बेनीवाल, जो RLP के सुप्रीमो और नागौर से सांसद हैं, पहले भी कई आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। 2020 में उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली कूच का आह्वान किया था। इसके अलावा, पेपर लीक मामलों, कमलेश प्रजापत एनकाउंटर, और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज सियासी गलियारों में गूंजती रही है। बेनीवाल को कई बार जान से मारने की धमकियां भी मिल चुकी हैं, और हाल ही में IB ने उनकी जान को खतरे का अलर्ट जारी किया था।

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हनुमान बेनीवाल की हिरासत ने राजस्थान में सियासी और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। SI भर्ती घोटाले और RPSC सुधारों की उनकी मांग ने युवाओं के बीच व्यापक समर्थन हासिल किया है। बेनीवाल और उनके समर्थकों का जेल भरो आंदोलन और थाने में धरना इस बात का संकेत है कि यह मुद्दा जल्द शांत होने वाला नहीं है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और बेनीवाल की रणनीति पर टिकी हैं। क्या यह आंदोलन राजस्थान की सियासत में बड़ा बदलाव लाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।

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